जलालाबाद। मदरसा मिफ्ता उलूम में सालाना जलसे पर बुखारी शरीफ का इजलास हुआ, जिसमें दीनी तालीम के साथ ही दुनियावी तालीम हासिल करने पर जोर दिया गया।
बुधवार को कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना आफताब (तालबेलम) ने तिलावत ए कुरान से की। मुफ्ती शुऐब (मोहम्मदपुर) ने कार्यक्रम की निजामत की। नात-ए नबी कारी अलादीन शाही ने पढ़ी और नयमतुल्ला कटकी तराना सुनाया। वहीं, बुखारी शरीफ मौलाना अकीलुर्रहमान ने पढ़ाई। मौलाना रिजवान नसीम ने मुसलमानों को अपनी जिंदगी नबी ए करीम की सीरत पर बनाने का जोर दिया। उन्होंने कहा कि अल्लाह के बताए रास्ते पर चलकर मुस्लिम अपनी जिंदगी कामयाब करें।
इस्लाम धर्म अमन का पैगाम देता है। इंसानियत का फर्ज निभाना चाहिए और दूसरों का मददगार बनना चाहिए। साथ ही बुराइयों से बचें और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करें। इसके बाद दस्तारबंदी हुई, जिसमें 118 तलबा को मौलवी, 33 को मुफ्ती और 20 को हाफिज ए कुरान की डिग्री दी गई।
कार्यक्रम के अंत में मदरसा मिफ्ता उलूम के मोहतमिम जनाब हफीउल्ला साहब ने देश दुनिया में अमनो अमान की दुआ कराई। इस दौरान नईमतुल्ला, कोसर, अरशद, मोहम्मद आरिफ, अब्दुर्रहमान, नदीम, अतीक अहमद, मोहम्मद आदिल, मोहम्मद आफताब, मोहम्मद इरशाद, फरजंद , मोहम्मद शहहजाद, मोहम्मद महबूब, मोहम्मद नदीम, कारी नूर हसन आदि मौजूद रहे।