संवाद न्यूज एजेंसी
शामली/ जलालाबाद। जनपद में हरितालिका तीज का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया। महिलाओं ने हाथों में मेहंदी लगाकर व हरे वस्त्र पहनकर सोलह श्रृंगार करते हुए भगवान शिव-पार्वती की आराधना की।
मंगलवार को महिलाओं ने सुखी वैवाहिक जीवन एवं पति की दीर्घायु जीवन की कामना के लिए हरितालिका तीज पर निर्जला व्रत कर पर्व मनाया। सास और बड़ों ने नई-दुल्हन को वस्त्र, हरी चूड़ियां, श्रृंगार का सामान और मिठाइयां भेंट कीं। कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर जालवाला, श्रीराम मंदिर शिवालय, मीठी कुई आदि मंदिरों में पूजन किया गया।
श्रीराम मंदिर स्थित शिवालय में पंडित जितेंद्र शर्मा द्वारा महिलाओं को विधि विधान से पूजन कराया गया और हरितालिका तीज की कथा सुनाकर व्रत का महत्व बताया। काफी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। शिवालयों में भगवान शिव व पार्वती की उपासना की गई। पंडितों के अनुसार इस व्रत को कठिन व्रतों में से एक माना जाता है और इसको भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित किया जाता है।
हरितालिका तीज पर महिलाएं 24 घंटे का व्रत रखतीं हैं। व्रत के क्रम में अनाज एवं जल का सेवन नहीं किया जाता है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी, जिससे प्रसन्न होकर महादेव ने पार्वती को पत्नी रूप में स्वीकार किया। तभी से यह व्रत विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव व मां पार्वती की पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए महिलाओं द्वारा व्रत रखकर भगवान शिव व माता पार्वती की पूरे विधि-विधान के अनुसार पूजा-अर्चना की अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना की।