नगर पालिका परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन के संवाद कार्यक्रम में विचार रखती महिलाएं. संवाद
शामली। नगरपालिका स्थित परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से संवाद कार्यक्रम में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर महिलाओं ने अपने विचार रखे। गृहिणी से लेकर अन्य क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने सभी पहलुओं पर चर्चा की। महिलाओं ने कहा कि राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर केवल प्रतिनिधित्व देने तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें नीति निर्माण में भी बराबर रूप से भागीदारी मिलनी चाहिए।
शिक्षिका मुनेश मलिक ने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से निश्चित रूप से वह ओर ज्यादा सशक्त होंगी। महिलाओं को इस अधिनियम के समर्थन में उतरना चाहिए, ताकि नीतियों के निर्धारण में उनकी बौद्धिक क्षमता से देश का ओर ज्यादा विकास हो। राजनीति पार्टी से जुड़ी महिला पूनम शर्मा ने कहा कि प्रधान पति जैसे शब्दों के साथ राजनीति में न उतरे। पद की गरिमा और महत्व को समझे। अगर जनता उन पर विश्वास कर आगे बढ़ रही है तो बागडोर संभालकर सकारात्मक राजनीति करें।
स्वरोजगार चला रही कविता, ज्योति ने कहा कि महिलाओं को अगर राजनीति में अवसर मिलेगा तो वह परिवार, समाज के साथ देश को भी सही दिशा में लेकर जाएगी, क्योंकि महिलाएं सभी स्थितियों को संभालने का हुनर जानती है। समाज सेवी अनिता बंसल व सुनीता पाल ने कहा कि अधिनियम को वोट बैंक की राजनीति तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जल्द से जल्द लागू किया जाए। महिलाओं को उनका अधिकार देने में पहले से काफी देर की गई है। महिला सीमा, राजेश ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है। महिला सविता, रीना, कुसुम ने कहा कि समाज और शासन दोनों स्तरों पर महिलाओं की बराबरी का अधिकार देकर ही देश के विकास को गति दी जा सकती है। कार्यक्रम में रीना, पिंकी, पूजा ने भी विचार रखे।
नगर पालिका परिसर में अमर उजाला फाउंडेशन के संवाद कार्यक्रम में विचार रखती महिलाएं. संवाद