शामली। जिले में स्वयं सहायता समूहों से करीब 70 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। समूहों के माध्यम से महिलाएं अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार कर उनकी बिक्री कर रही हैं और अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। अब इन समूहों से जुड़ी सफल महिलाएं दूसरी महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करेंगी। इसके लिए 28 सितंबर से गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा।
शामली की मनोरमा, रीता और पूजा तथा थानाभवन की अनिता, सोनिया और बलकिशन समूह से जुड़कर हर माह 50 हजार से एक लाख रुपये तक के उत्पाद बेचकर आय अर्जित कर रही हैं। कोई सौंदर्य उत्पाद तैयार कर रहा है तो कोई तिरंगे और अचार बनाकर बेच रहा है। इन महिलाओं ने समूह से जुड़कर स्वरोजगार को अपनाया और अपनी आमदनी का जरिया बनाया है।
अभियान के दौरान सफल समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने अनुभव अन्य महिलाओं के साथ साझा करेंगी। उन्हें समूह से जुड़ने, उत्पाद तैयार करने और उनकी बिक्री के माध्यम से आय अर्जित करने की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार और आय के अवसर उपलब्ध कराना है।
एनआरएलएम के मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि सफल समूहों से जुड़ी इन महिलाओं के माध्यम से गांव-गांव अभियान चलाया जाएगा। 28 सितंबर से अभियान की शुरुआत होगी। प्रथम चरण में शामली के लिलोन, थानाभवन और ऊन में अभियान चलाया जाएगा। इसके बाद जिले के अन्य स्थानों पर भी अभियान पहुंचाया जाएगा। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।