शामली। दिल्ली-देहरादून हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की राशि भूमि स्वामी के खातों में डालने की आड़ में नानकसर इंफ्रा नामक कंपनी ने शामली और बागपत के परियोजना निदेशक और विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी शामली के फर्जी हस्ताक्षर कर एनएचएआई के खाते चार करोड़ 41 लाख रुपये निकाल लिए। रुपये रुद्रपुर के इंडसिंड बैंक से निकाले गए। पता चलने पर एसडीएम शामली की तहरीर पर आदर्श मंडी थाने में नानकसर इंफ्रा और इन्डसिंड बैंक रुद्रपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
एसडीएम शामली विनय प्रताप सिंह भदौरिया ने आदर्श मंडी थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि शामली जिले में दिल्ली-देहरादून हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके प्रतिकर विवरण के लिए संयुक्त खाता इन्डसिंड बैंक गढ़ रोड मेरठ में सक्षम प्राधिकारी एवं परियोजना निदेशक के नाम से संचालित है। उक्त खातों से प्रभावित भू स्वामियों को नियमानुसार मुआवजा वितरण की कार्रवाई की जा रही है।
आरोप है कि वर्तमान में खाता संख्या 201008889066 है जो सक्षम प्राधिकारी शामली व परियोजना निदेशक बागपत के नाम से संचालित है। दोनों अधिकारियों के फर्जी तरीके से हस्ताक्षर कर चार बार में 4 करोड़ 41 लाख रुपये की धनराशि नानकसर इंफ्रा के नाम से रुद्रपुर के इन्डसिंड बैंक से निकाल लिए गए। कहा कि इस मामले में बैंक की भी मिलीभगत नजर आ रही है, क्योंकि बिना जांच पड़ताल बैंक के अधिकारियों ने कैसे रुपये अलग अलग खातों में ट्रांसफर किए हैं।
परियोजना निदेशक नरेंद्र सिंह ने बताया कि धोखाधड़ी के मामले की जांच के लिए रुद्रपुर डीएम ने भी कमेटी गठित की है। सभी दस्तावेज शामली और रुद्रपुर के अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
रुद्रपुर में एनएचएआई के अधिकारियों की बैठक में सामने आई थी धोखाधड़ी
एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार रुद्रपुर में 28 और 31 अगस्त को एनएचआई की समीक्षा के दौरान सामने आया की फर्जी हस्ताक्षर कर चैक से दो अधिकारियों के नाम से रुपये निकाले गए हैं। जिसकी जांच कराने की बात अधिकारियों ने कहीं थी।