इच्छा शक्ति और सकारात्मक सोच जरूरी : यामीन
शामली, कैराना। 2016 में जनपद में सबसे पहले राज्य अध्यापक पुरस्कार पाने वाले मोहम्मद यामीन शिक्षा में शून्य निवेश नवाचार के इस वर्ष मार्च में केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित और इस वर्ष राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद की ओर से राज्य आईसीटी पुरस्कार के लिए चयन हुआ है।
मोहम्मद यामीन वर्तमान में ग्राम मामौर के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक हैं। इनकी प्रथम नियुक्ति 1994 में कांधला के ग्राम गंगेरू के प्राथमिक विद्यालय-एक में और 2002 में पदोन्नत होकर ग्राम गढ़ी दौलत के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में नियुक्त हुए। उस समय विद्यालय की हालत खंडहर जैसी होने के साथ ही बच्चों का नामांकन और उपस्थिति न के बराबर थी। मुस्लिम बाहुल्य गांव में अधिकतर बच्चे मदरसों में पढ़ते थे, लेकिन उन्होंने अपने प्रयास से बच्चों को आधुनिक स्कूली शिक्षा से जोड़ा और विद्यालय की दशा सुधारी। इसी तरह ग्राम मामौर के विद्यालय में नियुक्त होने पर अभिभावकों को आधुनिक, तकनीकी, व्यवसायिक शिक्षा के बारे में समझाकर स्कूली शिक्षा के प्रति जागरूक किया। स्टाफ, विद्यालय प्रबंध समिति, ग्राम शिक्षा समिति, सामाजिक संगठनों, अभिभावक संघ के साथ मिलकर नवाचार कर नामांकन और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के प्रयास किए। भारतीय गणितज्ञ रामानुजन, सीवी रमन व पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आदि के जन्मदिन पर विज्ञान प्रदर्शनी, क्विज, भाषण, निबंध, रंगोली, चित्रकला प्रतियोगिताएं कराकर बच्चों के ज्ञान बढ़ाने का प्रयास करते हैं। यूनिसेफ द्वारा जीवन कौशल पर आधारित विद्यालय की डॉक्युमेंट्री फिल्म बनाई गई, जिससे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर (यूनिसेफ के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय स्तर) पर पहचान मिली। दृढ़ इच्छा शक्ति और सकारात्मक सोच ही सफलता का मूलमंत्र है।