शामली। मेेरठ-करनाल फोरलेन पर पूर्वी यमुना नहर पर नया पुल बनाया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश शासन ने एक करोड़ 39 लाख 45 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृत जारी कर 42 लाख रुपये की प्रथम किश्त जारी की है।
मेरठ-करनाल मार्ग पर पूर्वी यमुना नहर पर आजादी से पूर्व का पुल बना हुआ था। डेढ़ दशक पूर्व यह पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक दशक पूर्व नया सेतु स्वीकृत करते हुए निर्माण करा दिया था। अब शासन ने मेरठ-करनाल मार्ग को दो लेन के स्थान पर चार लेन की स्वीकृति देते हुए अप्रैल में निर्माण करा दिया था।
मेरठ-करनाल फोरलेन बन जाने के बाद मेरठ से हरियाणा-पंजाब के लिए भारी संख्या में वाहनों का आवागमन पिछले शुरू हो गया है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग शामली ने मेरठ-करनाल मार्ग पर नया पुल बनाने का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था।
जिस पर शासन ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य योजना सामान्य के अंतर्गत शामली में मेरठ-करनाल के किमी 67 पर स्थित पूर्वी यमुना नहर पर पुल निर्माण कार्य किए जाने के लिए एक करोड़ 39 लाख 45 हजार रुपये की कुल स्वीकृति कर दी है।
उत्तर प्रदेश शासन के विशेष सचिव डॉक्टर रोशन जैकब, उपसचिव जयप्रकाश तिवारी का गत 15 नवंबर को शासनादेश जिला मुख्यालय को प्राप्त हो गया है।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि मेरठ करनाल मार्ग पर पूर्वी यमुना नहर पर पुराना क्षतिग्रस्त पुल तोड़कर नया पुल का निर्माण कराया जाएगा।
यह पुल सात मीटर का बनाया जाएगा। 2006 में बने पुल के समान ही इसका निर्माण किया जाएगा। विभाग के पास भूमि उपलब्ध है। एक पुल वाहनों के लिए जाने और दूसरा पुल आने का होगा। शीघ्र ही नए पुल के टेंडर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।