शामली। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और हुकुम सिंह के बीच कितनी घनिष्ठता थी, उसका गवाह सोमवार को मायापुर फार्म हाउस भी बना। क्योंकि जब हुकुम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करने के बाद परिवार के सदस्यों से मुलाकात करके राजनाथ सिंह बाहर लोगों के बीच आए, तब करीब 42 सेकेंड तक उनके चेहरे पर खामोशी छाई रही। उनके चेहरे के हाव भाव बता रहे थे कि हुकुम सिंह के चले जाने का कितना गम था।
दिवंगत सांसद हुकुम सिंह के परिवार को ढांढस देने के बाद वह बाहर निकले। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत की। बड़ी हिम्मत जुटाने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री बाबू हुकुम सिंह के बारे में कुछ कहना चाहा, मगर पहले शब्द थे कि बाबूजी के बारे में क्या बोलूं, हर व्यक्ति उनकी कार्यशैली से परिचित है, सभी उनके परिवार के शुभचिंतक हैं। उन्होंने हुकुम सिंह के साथ राजनीतिक तौर पर किए गए कार्यों को याद किया और बोले कि बाबूजी उत्कृष्ट सांसद थे।
बता दें कि राजनाथ सिंह अब तक जितनी बार भी कैराना या शामली जिले में आए, तो हर बार कार्यक्रम में उनके साथ हुकुम सिंह जरूर रहे। 15 साल पूर्व जब राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री थे, तो हुकुम सिंह को ऊर्जा मंत्री बनाया गया था। हुकुम सिंह का एक लंबा राजनीतिक सफर राजनाथ सिंह के साथ रहा तथा उनमें घनिष्ठता काफी हो गई थी। यही वजह है कि रविवार को त्रिपुरा में कार्यक्रम से दिल्ली लौटने पर केंद्रीय गृहमंत्री ने रात में ही कैराना आने का कार्यक्रम तय किया। सोमवार को संसद में श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद वह दोपहर में कैराना हुकुम सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंच गए।