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Shamli News: सोना, हथियार, नशीले पदार्थों पर अंकुश लगा तो नकली नोटों को बनाया कमाई का जरिया

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- पंजाब के लारेंस गिरोह से भी जुड़े इमरान परिवार के सदस्य
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- यूपी, हरियाणा, पंजाब में हथियार भी कर रहे सप्लाई, नेपाल, पाकिस्तान, बिहार के रास्ते नकली नोटों की खेप पहुंच रही
बदला ट्रेंड : अब 500 नहीं सिर्फ 50 और और 100 के नोट खपा रहे गिरोह के सदस्य
- गिरोह को पाकिस्तान से इकबाल काना के ही ऑपरेट करने की आशंका
- एसटीएफ इस एंगल पर कर रही जांच, कई अन्य गिरोह के सदस्य एसटीएफ के रडार पर
- इमरान और उसके परिवार के सदस्यों के नकली नोट और हथियारों की पंजाब सप्लाई की बात भी आई सामने
महबूब अली
शामली। नकली नोटों के साथ इमरान के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर से शामली जिला सुर्खियों में हैं। 90 के दशक के बाद से गठरी व्यवसाय के बाद जिले के लोगों ने सोना तस्करी, हथियार, नशीले पदार्थों की सप्लाई को कमाई का जरिया बना लिया था। मगर इन तीनों की तस्करी पर पुलिस ओर सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा तो शामली जिले के गिरोह के सदस्यों ने नकली नोटों को ही कमाई का जरिया बना लिया है। अब हथियारों से ज्यादा नोटों की खेप खपाई जा रही है।
90 के दशक के अंत में सोने की तस्करी बंद हो गई तो भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने के लिए पाकिस्तान ने नकली नोटों का सहारा लिया। सोने की तस्करी के बाद वर्ष 1995 के आसपास जिले के लोगों ने पाकिस्तान से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी शुरू कर दी थी। मगर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने बार्डर पर हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाया, तो अब जिले के लोगों ने नकली नोटों को ही कमाई का जरिया बना लिया है।
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एसटीएफ को आशंका है कि इकबाल काना गैंग के अन्य गिरोह के सदस्यों की मदद से नकली नोट तैयार कर यूपी के अलावा अन्य राज्यों में भेजे जा रहे हैं। या फिर सदस्यों को ट्रेनिंग देकर भारत में ही नकली नोट छापे जा रहे हैं। इसके अलावा एसटीएफ क जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पकड़े गए आरोपी इमरान का चचेरा भाई पंजाब के जालंधर में पंजाब के लारेंस गैंग से जुड़ा हुआ है। वहीं पर हथियारों की तस्करी करता था। अभी भी वह पंजाब से वांछित चल रहा है। इमरान का चचेरा भाई और अन्य सदस्यों की मदद से हरियाणा ओर पंजाब में हथियार सप्लाई कर रहे हैं। संवाद
पाकिस्तान से तो ऑपरेट नहीं हो रहा पूरा गिरोह
इमरान का एक भाई पिछले साल ही बाघा बार्डर पर हथियारों की सप्लाई के मामले में पकड़ा गया था। वर्तमान में वह पाकिस्तान की किसी जेल में ही सजा काट रहा है। एसटीएफ को आशंका है कि पाकिस्तान से ही गिरोह को ऑपरेट किया जा रहा है। हो सकता है कि इमरान और अन्य फरार आरोपी जेल में बंद आरोपी के संपर्क में हो और नकली नोटों के साथ-साथ हथियारों की भी तस्करी कर रहे हो। पकड़े गए आरोपी इमरान का पिता इकबाल काना गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है। हालांकि, अब उसके पिता की मौत हो चुकी है।...

इमरान पर हो चुकी एनएसए की कार्रवाई

एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि जांच में पता चला है कि पकड़े गए आरोपी इमरान के खिलाफ पूर्व में भी नकली नोटों का मामला दर्ज है। उस पर एनएसए के तहत भी कार्रवाई की जा चुकी है।

शक न हो इसलिए अब 500 नहीं सिर्फ 50 और 100 के नोट खपा रहे गिरोह के सदस्य

एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि शामली का गिरोह अब 50 नहीं 50 और 100 के नकली नोटों को खपा रहा है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि 500 के नोटों के पकड़े जाने का डर रहता है। जबकि 50 और 100 के नोटों पर कोई शक भी नहीं करता है। जिसके कारण वह अधिकतर 50 और 100 के नोट भी खपा रहे थे। इमरान वर्ष 2000 के बाद से नकली नोटों के धंधे में लगा हुआ है।
पंजाब पुलिस से भी सहयोग मांगेगी शामली पुलिस
इमरान का एक चचेरा भाई पंजाब के जालंधर से हथियार तस्करी मामले में फरार चल रहा है। एसपी अभिषेक का कहना है कि इस मामले में जल्द ही पंजाब पुलिस से भी आरोपियों के संबंध में सहयोग मांगा जाएगा।
नेपाल, पाकिस्तान में तो नहीं ली ट्रेनिंग, जांच शुरू
नकली नोटों को खपाने वाले गिरोह के सदस्यों ने नकली नोटों को छापने की ट्रेनिंग नेपाल या फिर पाकिस्तान में तो नहीं ली है। इसकी जांच पुलिस और एसटीएफ ने शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि पूर्व में या तो गिरोह के सदस्यों ने ट्रेनिंग ली या फिर पाकिस्तान या फिर नेपाल आदि के रास्ते नकली नोटों की खेप भारत के विभिन्न स्थानों पर पहुंचाई जा रही है।

नेपाल और पाकिस्तान से पूर्व में पकड़े गए आरोपियों का मिल चुका कनेक्शन

मेरठ पुलिस ने पिछले दिनों ही नकली नोटों के मामले में फरवरी में आफताब को पकड़ा था। उसका जीजा शाहिद कैराना का रहने वाला था। शाहिद के नेपाल में आने जाने और पाकिस्तान से कनेक्शन होने की बात अधिकारियों की जांच में सामने आई थी। इसके अलावा कुछ समय पूर्व ही ताजिम और इरशाद को भी पुलिस ने पकड़ा था। गिरोह द्वारा हथियारों की तस्करी के बाद नकली नोटों की सप्लाई की बात सामने आई थी। इसके अलावा चार माह पूर्व ही कैराना का युवक हथियार के साथ अटारी बार्डर पर पकड़ा गया था। कैराना के अनीस को भी नकली नोटों के मामले में वर्ष 2023 में सजा हो चुकी है। इसके अलावा अब शामली के इमरान और उसके परिवार के सदस्यों के नकली नोटों के साथ साथ हथियारों की सप्लाई करने की बात भी सामने आई हैं।
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इन्होंने कहा

नकली नोटों को खपाने वाले गिरोह के संबंध में कई अहम जानकारियां हाथ लगी है। जल्द ही गिरोह के फरार सदस्यों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसटीएफ के साथ संयुक्त आपरेशन चलाकर कार्रवाई की जा रही है। - अभिषेक, एसपी शामली
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