- आवागमन की मिलेगी सुविधा, कैराना से पानीपत होकर राजस्थान सीमा में प्रवेश करेगी नहर
- बिजनौर, रामपुर समेत तीन जिलों के किसानों को मिलेगी सिंचाई की सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। शारदा-यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना के तहत उत्तराखंड से लेकर शामली के कैराना सहित साबरमती तक नहर के दोनों ओर पटरी पर सड़क निर्माण कराया जाएगा। जिससे लोगाें को आवागमन में सुविधा मिलेगी। शारदा-यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना का शामली जिले में बुटराडा, खानपुर, गोहरपुर, कुड़़ाना से बरलाजट, झाल, और सिंभालका के बलवा से लिलौन के बीच से कंडेला औद्योगिक क्षेत्र से जगनपुर, भूरा गांव से कैराना यमुना नदी में मवीकलां से दो किमी पहले जुड़ा होगा।
राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण लखनऊ के सलाहकार जयाराम वर्मा ने बताया कि शारदा यमुना लिंक नहर परियोजना का प्रथम फेस 384 किमी का होगा। लिंक नहर के लिए 200 मीटर भूमि का अधिग्रहण होगा। जिसमें नहर के दोनों ओर आवागमन के लिए कंकरीट की पटरी तैयार होगी। पटरी को सड़क के रूप मे विकसित किया जाएगा। जिससे आवागमन की सुविधा मिलेगी। परियोजना को संचालित करने के लिए राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण कार्यालय लखनऊ की ओर से उत्तराखड, उत्तरप्रदेश के शामली जिले के कैराना यमुना लिंक का संचालन होगा।
कैराना से लेकर हरियाणा, राजस्थान, और गुजरात तक साबरमती नदी तक नहर लिंक योजना को राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण कार्यालय जयपुर, ग्वालियर के कार्यालय से नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि शामली जिले के कैराना यमुना नदी से हरियाणा की ओर पानीपत , हिसार से राजस्थान की सीमा मे्ं प्रवेश करेगी। यह यमुना राजस्थान तक 786 किमी राजस्थान साबरमती लिंक 725 किमी का क्षेत्रफल है। उन्होंने बताया कि बिजनौर ,रामपुर समेत तीन जिलों के किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए पानी की सुविधा दी जाएगी। दूसरी ओर राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण नई दिल्ली के महानिदेशक भोपाल सिंह ने बताया कि शारदा यमुना, साबरमती लिंक नहर परियोजना के लिए अध्ययन चल रहा है। ड्रोन सर्वेक्षण रिपोर्ट आने के बाद डीपीआर बनाने कार्य शुरू हो पाएगा।