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Shamli News: रिकॉर्ड में घरों में पानी की सप्लाई, हकीकत में प्यासे लोग

Tue, 16 Jun 2026 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शामली। केंद्र सरकार की हर घर जल योजना के तहत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जिले में करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन कई गांवों में योजना कागजों में ही चलती रही और लोगों को पीने का पानी नहीं मिला। अधिकारियों ने कार्य पूर्ण होने और घर-घर पानी पहुंचने की रिपोर्ट भेज दी, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग निकली। किसानों और ग्रामीणों की शिकायतों पर डीएम के निर्देश पर गठित जांच समिति ने कई गांवों में गंभीर खामियां उजागर की हैं।
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डीपीआरओ, जल निगम के अधिशासी अभियंता, खंड विकास अधिकारी और कृषि विभाग के अधिकारियों की पांच सदस्यीय समिति ने भैंसवाल, कुड़ाना, पिंडौरा, जहांगीरपुर और गढ़ी अब्दुल्ला खां समेत कई गांवों की जांच की। जांच में कहीं पाइपलाइन लीकेज मिली तो कहीं घरों तक पानी ही नहीं पहुंच रहा था। समिति ने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है।
गढ़ी अब्दुल्ला खां में बंद मिली योजना
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार जल निगम के अधिकारियों ने रिपोर्ट में बताया था कि गांव में करीब 2.46 करोड़ रुपये की लागत से पेयजल योजना का कार्य पूरा कर ग्राम पंचायत को हस्तांतरित किया जा चुका है। लेकिन मौके पर योजना बंद मिली। समिति ने पाया कि स्टार्टर समेत अन्य तकनीकी खराबियों के कारण पेयजल आपूर्ति ठप है। वाटर वर्क्स पर भी अधिकांश समय ताला लगा रहता है।
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भैंसवाल में अधूरा मिला कार्य
भैंसवाल गांव में 1614 कनेक्शन प्रस्तावित बताए गए थे। निरीक्षण के दौरान चार से पांच स्थानों पर पेयजल आपूर्ति बंद मिली। करीब 500 मीटर पाइपलाइन और एफएचटीसी (फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन) का कार्य अधूरा पाया गया। कई घरों में पानी का प्रेशर भी बेहद कम मिला।

कुड़ाना में 60 प्रतिशत घरों में नहीं पहुंच रहा पानी
कागजों में कुड़ाना में करीब 3.90 करोड़ रुपये की लागत वाली योजना के तहत सभी घरों में पानी पहुंच रहा है। लेकिन जांच समिति को गांव के 20 से 25 स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज मिली। करीब 60 प्रतिशत घरों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से बाधित मिली।

गांव निवासी देशपाल ने बताया कि आज तक नियमित रूप से पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। सुरेंद्र सिंह का कहना है कि पेयजल योजना के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल हुआ है। मामले को लेकर जल्द डीएम से मुलाकात की जाएगी।

पिंडौरा और जहांगीरपुर में भी खुली पोल
पिंडौरा गांव में 3.30 करोड़ रुपये की योजना पूरी होने और ग्राम पंचायत को हस्तांतरित करने की रिपोर्ट भेजी गई थी। जांच के दौरान पांच स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज मिली और करीब 35 प्रतिशत घरों में पानी नहीं पहुंच रहा था। जहांगीरपुर मजरे में ग्रामीणों के अनुसार पानी की टंकी बने कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन आज तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। ग्रामीण मोहित कुमार ने बताया कि टंकी बनने के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जयप्रकाश चौधरी ने बताया कि पिंडौरा स्थित टंकी जहांगीरपुर से दो किलोमीटर से अधिक दूरी पर है, जिस कारण वहां तक पानी नहीं पहुंच पाता।


230 गांवों में 500 करोड़ रुपये का बजट
जल निगम के अधिशासी अभियंता फूल सिंह ने बताया कि हर घर जल योजना के तहत जिले के 230 गांवों में ओवरहेड टैंक और अन्य कार्यों के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ था। अधिकांश गांवों में कार्य चल रहा है। जहां कमियां हैं, उन्हें दूर कर जल्द कार्य पूरा कराया जाएगा।



जिन गांवों में योजना के तहत गड़बड़ी की आशंका है, वहां जांच कराई गई है। गोलमाल करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। जल निगम के अधिकारियों से भी जवाब-तलब किया गया है।
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– आलोक यादव, जिलाधिकारी, शामली
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