कैराना। मंगलवार दोपहर दो बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा दो लाख 56 हजार 926 क्यूसेक प्रति सेकंड, बुधवार सुबह सात बजे एक लाख 90 हजार 837 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड, सुबह नौ बजे एक लाख 53 हजार 768 क्यूसेक, 10 बजे 1 लाख 42 हजार 025 क्यूसेक व 11 बजे 1 लाख 36 हजार 274 क्यूसेक पानी प्रति सेकंड की मात्रा से यमुना नदी में छोड़ा गया। यमुना में छोड़ा गया पानी देर रात तक कैराना यमुना नदी तक पहुंचेगा। जिसके बाद जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई गई है।
- केंद्रीय जल आयोग की टीम ने यमुना किनारे डाला डेरा
कैराना। लगातार यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण बुधवार सुबह केंद्रीय जल आयोग ऊपरी यमुना नदी भारत सरकार नई दिल्ली के जेई रोहित कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने यमुना किनारे डेरा डाल लिया है। लगातार हर एक घंटे की फीडबैक तैयार कर केंद्रीय जल आयोग नई दिल्ली को भेजी जा रही है। जेई रोहित कुमार ने बताया कि यमुना नदी फिलहाल खतरे के निशान से करीब 75 सेंटीमीटर ऊपर बह रही हैं। जिसको लेकर अलर्ट जारी किया गया है। उनकी ओर से बढ़ते जल स्तर की फीड बैक तैयार कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रहीं हैं। वर्तमान संकेतों के अनुसार जल स्तर और बढ़ेगा।
- कांवड़ मेला स्थल, शनि मंदिर व शमशाद घाट के चारों और भरा पानी
कैराना। यमुना किनारे स्थित शनि मंदिर में लगे कांवड़ मेला स्थल में बारिश का पानी भर गया। जिसके बाद मेले में लगाई गई दुकानें पूरी तरह जलमग्न हो गई। जिसके चलते मेले में लगाई गई खेल खिलौनों व प्रसाद की दुकान लगाने वाले दुकानदार मायूस हो गए। इसके अलावा यमुना किनारे मौजूद श्मशान घाट में भी पानी भर गया।
- ड्रेनेज विभाग का कार्यालय व एक कार पानी में डूबी
कैराना। यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद यमुना का पानी आसपास के किसानों की फसलों में भरा हुआ है। इसके साथ ही यमुना किनारे पर बनाए गए ड्रेनेज विभाग का कार्यालय भी पूरी तरह पानी में डूबा नजर आया। इसके पास ही एक कार भी पानी में डूबी हुई है।
- चार घंटे जमकर बरसे बदरा
कैराना। बुधवार सुबह दिन निकलते ही आसमान में काली घटा छा गई। जिसके बाद करीब रार घंटे रुक-रुककर मूसलाधार बारिश होती रही। वहीं बारिश होने से यमुना के जलस्तर में बढ़ोत्तरी देखने को मिली। बारिश से नगर के निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन गई।
- सहपत के पास क्षतिग्रस्त तटबंध की रात भर कराई मरम्मत
कैराना। एक दिन पहले गांव सहपत के पास सुबह करीब आठ बजे यमुना नदी के पानी ने तटबंध को क्षतिग्रस्त कर दिया था। जिसके बाद यमुना नदी का पानी तेज बहाव के साथ सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा फसलों में भर गया था। तटबंध टूटने की सूचना पर जिलाधिकारी रवींद्र सिंह प्रशासनिक व ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे तथा क्षतिग्रस्त तटबंध की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। जिसके बाद से एक पोकलेन व एक जेसीबी मशीन लगाकर तटबंध की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया था।
तहसीलदार गौरव सांगवान के नेतृत्व में रातभर तटबंध पर ट्रैक्टर ट्राली की मदद से मिट्टी डलवाने का कार्य किया गया। तहसीलदार ने बताया कि रात भर तटबंध की मरम्मत का कार्य किया गया है। जहां पर मिट्टी के कट्टे, लोहे का जाल व पत्थर लगवाकर मजबूत नेट बनवाया गया है। इसके अलावा ईंट रोड़े भी डलवाए गए हैं। तटबंध की पूरी तरह मरम्मत करा दी गई है।
कैराना में सहपत यमुना तटबंध की मरम्मत करते कर्मचारी