शामली। शासन से वित्त पोषित आवासीय वृद्धाश्रम में मिली अनियमितताओं के बाद समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक की तरफ से संस्था, वृद्धाश्रम की वार्डन और उनके सहयोगी के खिलाफ सरकारी धन के गबन तथा धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की विवेचना करने में लगी है।
रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने शामली में करनाल रोड स्थित आवासीय वृद्धाश्रम का निरीक्षण किया था। इसके बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया था। अपर जिलाधिकारी केबी सिंह, एसडीएम प्रशांत कुमार भारती और जिला प्रोबेशन अधिकारी को वृद्धाश्रम का हाल दिखाया था। आश्रम में रहने वाले वृद्धों ने बताया था कि उन्हें ठीक से खाना नहीं मिलता और बीमार होने पर दवा भी नहीं मिलती है। साथ ही आश्रम में शराब के खाली पव्वे भी मिले थे।
समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ सहायक मनोज कुमार की तरफ से आदर्श मंडी थाना पुलिस को तहरीर दी गई। जिसमें वृद्धाश्रम का संचालन करने वाली संस्था ग्रामीण विकास सेवा संस्थान, वृद्धाश्रम की वार्डन लक्ष्मी गुप्ता और उनके सहयोगी सत्यप्रकाश नागर के खिलाफ सरकारी धन का गबन करने तथा धोखाधड़ी के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई।
वहीं, ग्रामीण विकास सेवा संस्थान को करीब तीन साल पूर्व वृद्धाश्रम ले संचालन की अनुमति शासन से मिली थी। मालूम चला है कि शामली के साथ ही मुजफ्फरनगर और फिरोजाबाद जनपद में भी यही संस्था वृद्धाश्रम का संचालन करती हैं।
संस्था के पदाधिकारी भी पहुंचे शामली
वृद्धाश्रम का संचालन करने वाली संस्था (एनजीओ) ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के संचालक अलीगढ़ के रहने वाले हैं। वृद्धाश्रम में निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने और रिपोर्ट दर्ज होने की सूचना पर संस्था के पदाधिकारी भी सोमवार को शामली पहुंच गए। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली।