शामली। जिले में चतुर्थ सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। इसके बाद भी वाहन चालक यातायात नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहे हैं। जिले में ओवरलोड वाहनों और अनफिट वाहनों से हादसों में कई लोगों की जान जा चुकी है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। जिम्मेदार अधिकारी भी चालान करने के नाम पर खानापूर्ति करते हैं, जिससे ऐसे वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है।
परिवहन विभाग 18 से 24 अप्रैल तक सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहा है। इस दौरान विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने के कार्यक्रम चला रहा है। इसके बाद भी जिले में वाहन चालक मनमाने ढंग से ओवरलोड और अनफिट वाहन सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। ट्रकों में रेत, डस्ट, बजरी व अन्य माल क्षमता से अधिक लदा होता है, जिससे हादसे होते रहते हैं। गन्ना, भूसा व अन्य माल से लदे ट्रैक्टर ट्राला भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। जिम्मेदार परिवहन व पुलिस के अधिकारी समय-समय पर कार्रवाई करने के दावे करते हैं, लेकिन इसके बाद भी ओवेरलोड और अनफिट वाहनों पर रोक नहीं लग पा रही है। परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से मार्च तक 124 ओवरलोड वाहनों के चालान किए गए जबकि 153 अनफिट वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन पर जुर्माना लगाया गया है। पुलिस भी रेत से भरे ओवरलोड वाहनों को समय-समय पर पकड़ती है, लेकिन इसके बाद भी पुलिस के थाने और चौकी के सामने से ओवनलोड और अनफिट वाहन गुजरते रहते हैं।
जिले में ओवरलोड वाहनों से हुए हादसे:
- 16 जनवरी 2019 को मेरठ-करनाल हाईवे पर लांक के निकट ओवरलोड ट्रक की टक्कर से दूसरे ट्रक में सवार चालक इसरार और सह चालक राशिद की मौत हुई थी।
- 05 दिसंबर 2019 को झिंझाना क्षेत्र में ओवरलोड ट्रक की टक्कर से बाइक सवार छह साल की बालिका की मौत हुई, जबकि मां व भाई घायल हुए।
- 21 अक्तूबर 2021 को झिंझाना क्षेत्र में ओवरलोड वाहन की टक्कर से बाइक सवार दंपती की मौत हुई।
- 12 जनवरी 2022 को थानाभवन में ओवरलोड ट्रक के अगले दोनों पहिये अचानक टूट गए थे, जिससे कई लोग चपेट में आने से बाल-बाल बचे थे।
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई
माह - चालान - जुर्माना
जनवरी - 27 - 8.14 लाख रुपये
फरवरी - 30 - 10.99 लाख रुपये
मार्च - 67 - 18.00 लाख रुपये
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अनफिट वाहनों पर कार्रवाई
जनवरी - 70 - 1.25 लाख रुपये
फरवरी - 21 - 75 हजार रुपये
मार्च - 62 - 1.70 लाख रुपये
कोट
ओवरलोड और अनफिट वाहनों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाती है। समय-समय पर चालकों-परिचालकों को यातायात नियमों का पालन करने और निर्धारित क्षमता के अनुसार माल लादने के लिए जागरूक किया जाता है, ताकि सड़क हादसे होने से बचा जा सके। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत भी चालक-परिचालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया है।
- मुंशीलाल, एआरटीओ।