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Shamli News: हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच के लिए करें साढ़े तीन माह का इंतजार

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शामली। हेपेटाइटिस के मरीजों को वायरल लोड की जांच जिला अस्पताल में करानी है तो लगभग साढ़े तीन माह इंतजार करना पड़ेगा। जांच के लिए आने वाले मरीजों को छह मार्च की तारीख दी गई है। इसकी वजह ये है कि मरीज लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन एक दिन में जांच सिर्फ दस हो पातीं हैं। जांच कराने वाले मरीजों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। इस तरह से देखा जाए तो जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। मजबूरी में मरीजों को प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर जांच करानी पड़ रही है।
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जिले में हेपेटाइटिस के नए मरीज रोजाना सामने आ रहे हैं। इस समय 900 के लगभग मरीज जिले में हैं, लेकिन जिला अस्पताल में करीब ढाई महीने से दवा खत्म है। लखनऊ से दवा नहीं मिलने के कारण मरीजों का इलाज नहीं हो रहा है। इसके साथ ही मरीजों के हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच की गति भी इतनी सुस्त है कि मरीज को जांच की जरूरत आज है, लेकिन उसका नंबर करीब साढ़े तीन माह बाद आएगा। यानि उसे जिला अस्पताल में जांच करानी है तो उसे साढ़े तीन माह इंतजार करना पड़ेगा।
शनिवार को आने वाले मरीजों को छह मार्च की तारीख दी गई। इसकी वजह ये बताई गई है कि जिला अस्पताल में ट्रू नेट मशीन से हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच होती है। इस मशीन से एक दिन में दस मरीजों की ही जांच हो पाती है। इस कारण जांच कराने वाले मरीजों की लिस्ट लंबी होती जा रही है। मरीजों को मजबूरी में महंगा शुल्क देकर प्राइवेट में जांच करानी पड़ रही है।
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- ये बोले मरीज
कांधला निवासी नसीमा ने बताया कि उसे डाक्टर ने हेपेटाइटिस बताया है। वह वायरल लोड की जांच कराने जिला अस्पताल आई। यहां पर उसे छह मार्च की तारीख दी है।
- कैराना निवासी नवाब ने बताया कि वह अस्पताल में हेपेटाइटिस के वायरल लोड जांच कराने आया है, पर यहां तो कहा गया कि मार्च में नंबर आएगा। अब उसे प्राइवेट में महंगी फीस देकर जांच करानी पड़ेगी।
- कांधला निवासी अय्यूब ने बताया कि उसे डाक्टर ने हेपेटाइटिस होना बताया है। डाक्टर ने कहा कि इसका वायरल लोड जांच कराने के बाद ही इलाज शुरू होगा। वह जिला अस्पताल में आया, पर यहां बताया कि चार माह बाद नंबर आएगा, इसलिए अब प्राइवेट में जांच कराना मजबूरी है।
- कोट
हेपेटाइटिस के वायरल लोड की जांच फिलहाल एक ट्रू नेट मशीन से हो रही है। इससे एक दिन में दस मरीजों की ही जांच हो पाती है। ऊन सीएचसी से दूसरी ट्रू नेट मशीन मंगाई है। वहां से मशीन आ गई है। उसे इंस्ट्रॉल करने के लिए इंजीनियर को बुलाया गया है। उम्मीद है अगले सप्ताह से दूसरी मशीन से भी जांच शुरू हो जाएगी। - डॉ. अंजू जोधा, सीएमएस जिला अस्पताल।
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