कैराना में समर्थकों के साथ चर्चा करते हाजी अनवर हसन।
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शामली में निकाय चुनाव की भागदौड़ समाप्त हो गई। रोजाना नुक्कड़ सभा और डोर टू डोर जनसंपर्क के बाद मतदान हुआ, तो प्रत्याशियों की भागमभाग रुक गई। एक पखवाड़े से हुई थकान को प्रत्याशियों ने परिवार के साथ आराम करके दूर भगाया। वहीं, दोपहर में प्रत्याशियों और उनके समर्थक मतदान के आंकड़ों का विश्लेषण करने में मशगूल हो गए।
नगर पालिका परिषद शामली से अध्यक्ष पद की भाजपा प्रत्याशी दीपिका संगल और उनके पति अजय संगल शहर की कमला कालोनी में रहते हैं। बृहस्पतिवार सुबह अजय संगल सात बजे नींद से जागे, जिसके बाद स्नान और पूजा करने के बाद चाय नाश्ता कर परिवार के साथ बैठकर वार्ता की। इसके बाद समर्थक उनके घर आने लगे, जिसके बाद चुनाव में हुए मतदान को लेकर वार्डों के हिसाब से आंकड़ों का विश्लेषण शुरू हो गया। अजय संगल ने बताया कि थकान तो हुई, लेकिन जरूरी कार्यों के लिए घर से बाहर भी जाना पड़ा।
वहीं, शामली से अध्यक्ष पद की निर्दलीय प्रत्याशी अंजना बंसल और उनके पति राजेश्वर बंसल ने भी दिन की शुरुआत स्नान के बाद पूजा अर्चना से की। कोतवाली रोड स्थित आवास पर लॉन में बैठकर धूप सेंकी। इसके बाद समर्थकों का उनके घर आना शुरू हो गया। राजेश्वर बंसल का कहना था कि ज्यादा थकान नहीं हुई।
उधर, मोहल्ला रेलपार निवासी सपा प्रत्याशी सुमन शर्मा और उनके पति विजय कौशिक ने भी बृहस्पतिवार सुबह जागने के बाद स्नान और पूजा करके दिन की शुरुआत की। विजय कौशिक ने बताया कि पहली बार चुनाव लड़ा, काफी भागदौड़ करनी पड़ी, जिससे थकान भी हुई, मगर आम दिनों की तरह ही कार्य में व्यस्त हो गए। इसके अलावा वार्ड सभासद पद के प्रत्याशियों ने भी बृहस्पतिवार को आराम करके घर पर ही थकान मिटाई।
सिमट गए प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालय
शामली। एक पखवाड़े से शहर में प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर खासी चहल पहल थी। रोजाना रात 11 बजे तक कार्यालयों पर समर्थकों का जमावड़ा रहता था। वहीं, बुधवार को मतदान संपन्न होने के बाद देर रात तक चुनाव कार्यालयों पर प्रत्याशियों के समर्थक जुटे रहे और मतदान के आंकड़ों का हिसाब लगाते रहे। वहीं, बृहस्पतिवार सुबह सभी प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों से टेंट, बैनर, झंडे आदि हटा लिए गए।