फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रामीणों को जल्द मिलेगा अपनी संपत्ति का प्रमाणपत्र

विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। सरकार ग्रामीणों को आबादी में स्थित उनकी संपत्ति का ब्योरा देना चाहती है। (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) घरौनी के नाम से दिया जाने वाला यह ब्योरा ऐसा दस्तावेज होगा, जिसके जरिए ग्रामीण बैंक से ऋण भी हासिल कर सकते हैं। साथ ही संपत्ति को लेकर होने वाले विवादों को कम करने में भी यह दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विज्ञापन

जनपद के 325 गांवों में से ग्रामीणों को (ग्रामीण आवासीय अभिलेख) घरौनी दी जानी है। जिस तरह खेती की जमीन का सभी ब्यौरा खतौनी में दर्ज होता है, उसी तरह आबादी के अंतर्गत आने वाली ग्रामीणों की संपत्ति का ब्योरा घरौनी में दर्ज होगा। जिले के 289 गांवों में घरौनी के लिए सर्वे चल रहा है। इसमें लेखपालों और पंचायत सचिवों को लगाया गया है। इस सर्वे के साथ ही 124 गांवों में ग्रामीणों की संपत्ति की ऑनलाइन फीडिंग का भी काम चल रहा है।
------
संपत्ति का नहीं होता था रिकार्ड
ग्रामीण इलाकों में अधिकांश लोगों के पास अपने पुश्तैनी मकान हैं। इस संपत्ति का कोई कागजी रिकार्ड ग्रामीणों के पास मौजूद नहीं होता था। संपत्ति होने के बावजूद वे बैंक से ऋण नहीं ले सकते थे। सरकार घरौनी के रूप में उन्हें संपत्ति का दस्तावेज देगी, जिसमें संपत्ति का पूरा ब्यौरा और उसका मूल्यांकन दर्ज होगा। इसके आधार पर बैंक से ऋण लिया जा सकता है।
विज्ञापन

---------
इन्होंने कहा...
घरौनी में आबादी क्षेत्र में स्थित संपत्ति का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। यह संबंधित व्यक्ति के पास उपलब्ध संपत्ति का दस्तावेज होगा जिससे संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण इसके जरिए बैंकों से ऋण भी ले सकेंगे। - अरविंद कुमार सिंह, एडीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें