जलालाबाद (शामली)। हसनपुर लुहारी गांव से बाहर निकल रहे नाले की सफाई के दौरान ग्रामीणों की मुजफ्फरनगर के गांव टांडा के लोगों साथ तनातनी हो गई। काफी देर तक दोनों गांव के लोगों में बहस होती रही। बाद में टांडा के ग्रामीणों ने नाले की सफाई का काम रुकवा दिया। जबकि नाला खुदवाने पहुंचे अधिकारी लुहारी के ग्रामीणों को जल्द नाले की खोदाई करवाने का आश्वासन देकर चले गए।
हसनपुर लुहारी गांव की पानी की निकासी का नाला टांडा गांव जिला मुजफ्फरनगर के जंगल से होते हुए हिंडन नदी के नाले में पहुंच रहा है। पिछले कुछ समय से टांडा के ग्रामीणों ने नाले को अपने गांव की सीमा में आते ही बंद कर रखा है। जिस कारण गांव का पानी लुहारी के बस स्टैंड पर इकट्ठा हो रहा है।
समस्या के समाधान के लिए बृहस्पतिवार को लेखपाल भूपेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाले की खोदाई शुरु की। नाले की सफाई पूरी नहीं हुई थी कि टांडा के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नाला खोदाई का काम रुकवा दिया। इस दौरान दोनों गांव के ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों में नोकझोंक हुई और मौके पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
हसनपुर लुहारी के प्रधान पति सलीम कुरैशी ने बताया कि टांडा गांव के जंगल में हसनपुर लुहारी रकबे का 27 बीघा का तालाब है। जिस पर टांडा के किसानों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। उन्होंने डीएम को शिकायत कर बताया कि इस तालाब को कब्जा मुक्त कराया जाए। फिलहाल नाले के कार्य को रुकवा दिया गया है। लेखपाल भूपेंद्र सिंह ने कहा कि शुक्रवार को उच्चाधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर तालाब की खोदाई कराई जाएगी। साथ ही तालाब का रास्ता साफ कराया जाएगा।