- मोहम्मदपुर राई में जलसे को मौलाना जकरिया ने किया संबोधित
- तीन हाफिजों को हुई दस्तारबंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। इस्लामिक विद्वान हजरत मौलाना जकरिया ने कहा कि इस्लाम धर्म में महिलाओं के लिए पर्देदारी जरूरी है। हमें अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए उन्हें प्रशिक्षण और शिक्षित बनाना चाहिए।
बृहस्पतिवार को क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर राई में स्थित मदरसा अशरफिया मसीहुल उलूम में वार्षिक जलसे का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आलिम-ए-दीन एवं इस्लामिक विद्वान मौलाना मोहम्मद जकरिया ने कहा कि मुसलमानों की पहचान उनके लिबास यानी कपड़ों से होती है। वर्तमान समय में समाज के अंदर नशाखोरी समेत तमाम कुरीतियां पनप रही है, जिस कारण मुसलमान असल रास्ते से भटक गए हैं और दीन से दूरी बना रहे हैं। इसका कारण यह है कि अभिभावकों की ओर से अपने बच्चों को बेहतर संस्कार और प्रशिक्षण नहीं दिया जाता है। बच्चों को बेहतर संस्कार जरूरी है। इसके साथ ही, उन्हें शिक्षित बनाएं।
मौलाना जकरिया ने कहा कि मुसलमानों में बेपर्दगी भी हो गई है। बाजारों में जाओ तो महिलाएं खुलेआम घूमती मिलती है। जबकि महिलाओं के लिए पर्दा करना जरूरी है। अध्यक्षता कर रहे मुफ्ती रफीउज्जमा ने कहा कि मुसलमानों को दीन के रास्ते पर चलने से दुनिया और आखिरत में कामयाबी मिलेगी। उन्होंने दीन और हदीस के बताए रास्तों पर अमल करने की हिदायत दी। मौलाना मुरसलीन ने कहा कि शिक्षा वो धन है, जो किसी भी व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचाती है। इसके अलावा उन्होंने समाज में पनप रही कुरीतियों के खिलाफ एकजुटता के साथ मुहिम चलाने का आह्वान किया।
इनके अलावा मौलाना आसमोहम्मद, मौलाना शुऐब, मौलाना असजद, मुफ्ती रफी आदि ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान मदरसे के तीन छात्रों को हाफिज-ए-कुरआन होने पर दस्तारबंदी की गई। कार्यक्रम का समापन मौलाना जकरिया की विशेष दुआओं के साथ हुआ। अंत में मदरसे के मोहतमिम मौलाना हुसैन अहमद और संचालक मौलाना सादिक ने तमाम आगंतुकों का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का संचालन मौलाना मुस्तफा ने किया। इस अवसर पर मौलाना तहसीन, डाॅ. मारूफ अली, मौलाना सलीम, हाफिज फुरकान, मुफ्ती फारूक आदि मौजूद रहे।