शामली। जिले में सड़कों पर जाति सूचक शब्द लिखे वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन परिवहन विभाग और यातायात पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। परिवहन विभाग तो इसके प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहा है। यातायात पुलिस भी अभियान के दौरान ही चालान कर जुर्माना करने की कार्रवाई तक सीमित है।
जिले में वाहन चालक यातायात नियमों का उल्लंघन कर सड़कों पर वाहनों को दौड़ा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं कि वाहनों पर लगी प्लेट पर रजिस्ट्रेशन नंबर के अलावा अन्य कुछ लिखा होना प्रतिबंधित है। इसके चलते वाहनों पर जाति सूचक शब्द लिखना भी प्रतिबंधित किया गया है। इसके बाद भी सड़कों पर जाति सूचक शब्द लिखे वाहन सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। हालांकि यातायात पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि शासन के निर्देश पर समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। मगर यह कार्रवाई सिर्फ खानापूर्ति तक सीमित रहती है। इसके चलते वाहन चालक मनमानी करते हुए यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं।
2500 रुपये जुर्माने का है प्रावधान
शामली। जिला यातायात प्रभारी संजय राणा ने बताया कि वाहन पर जाति सूचक शब्द लिखना प्रतिबंधित है, अगर कोई चालक अपने वाहन पर जातिसूचक शब्द लिखता है तो 2500 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
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जिले में 103 चालान, 2.57 लाख रुपये शमन शुल्क
शामली। जिले में इस साल वाहनों पर आगे व पीछे जाति सूचक शब्द, पदनाम, पट्टिका व अन्य आपत्तिजनक शब्द या चित्र का प्रयोग किए जाने वाले वाहन चालकाें के विरुद्ध जिला यातायात पुलिस ने दो बार अभियान चलाकर 103 वाहनों के चालान किए। जिला यातायात प्रभारी ने बताया इस साल जून में 20 वाहनों के चालान कर 50 हजार रुपये और अगस्त माह में 83 वाहनों के चालान कर दो लाख सात हजार 500 रुपये शमन शुल्क लगाया गया है। उनका कहना है कि यातायात निदेशालय के निर्देश पर समय-समय पर वाहनों के चालान कर कार्रवाई की जाती है।
जातिसूचक शब्द लिखे होने पर वाहनों के चालान करने की कार्रवाई के लिए समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। आगे भी इस तरह वाहन चालकाें के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी।
-रोहित राजपूत, एआरटीओ।