संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। राशन की दुकान के आंवटन के आरक्षण में गड़बड़झाले का आरोप लगाकर पंचायत सदस्यों व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि आवंटन के लिए खुली बैठक की जानकारी एक दिन पहले दी गई और हस्ताक्षर कराए गए। आरक्षण के कॉलम को खाली रखा गया। बैठक में लोगों का गुस्सा बढ़ता देख एडीओ व वीडीओ चले गए। इसके चलते आवंटन प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया।
चौसाना में राशन की दो दुकानें हैं। दो साल पूर्व एक दुकान को धांधली के आरोप में डीएम के निर्देश पर निरस्त कर दिया था। बृहस्पतिवार शाम दुकान के आवंटन के लिए ग्राम पंचायत अधिकारी नवीन कुमार ने सार्वजनिक नोटिस चस्पा कराकर ग्राम पंचायत सदस्यों के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें बताया था कि दुकान आवंटन में आरक्षण नहीं होगा। देर रात्रि सार्वजनिक नोटिस पर सामान्य महिला के लिए आरक्षण दर्शाया गया। हालांकि पूर्व में आवंटन एससी श्रेणी में आरक्षित था।
प्राइमरी पाठशाला में शुक्रवार को आवंटन के लिए बैठक हुई। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में एडीओ सतीश कुमार व वीडीओ नवीन कुमार पहुंचे तो ग्रामीणों ने गड़बड़ी का आरोप लगाकर हंगामा कर दिया। ग्रामीणों के गुस्सा देख अधिकारी मौके से चले गए। इसके बाद ग्रामीणों ने एसडीएम को जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने आवंटन प्रक्रिया निरस्त कर अग्रिम बैठक में आवंटन कराने की जानकारी दी। इस दौरान राजकुमार, योगेंद्र सैनी, यशपाल सैनी, रिंकू, शिंधर, राजेंद्र, मुबारिक, बसारत, नीरज, शोमिन आदि मौजूद रहे।
रयह है पूरा मामला
राशन की दो दुकानों में एक दुकान जावेद के नाम पर है। दूसरी दुकान जावेद के रिश्तेदार कामिल के पास है। दोनों ही दुकानें एक परिवार पर दशकों से चली आ रही थीं। कामिल के नाम पर जिस जगह की दुकान का आवंटन है वह कई बार निरस्त हो चुकी है। कानूनी दांवपेंच के चलते दुकान हर बार बहाल होती रही। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पारदर्शिता बरतने की खातिर हंगामा किया। जिससे उन्हें पूरा राशन मिलता रहे।