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होश उड़ा देंगे कलीम के राज: खुद को बताया पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एजेंट, बहुत खतरनाक था मकसद

Thu, 17 Aug 2023 10:02 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli News : कलीम ने एसटीएफ की पूछताछ में खुद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एजेंट बताया है। कलीम के ये खतरनाक राज आपके भी होश उड़ा देंगे।
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आरोपी गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान की जेल से छह दिन पहले रिहा हुआ कलीम पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट निकला। एसटीएफ मेरठ और शामली पुलिस की टीम ने कलीम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

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एसटीएफ का कहना है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से मिलकर कलीम अपने भाई के साथ देश को दहलाने की साजिश रच रहा था। एसटीएफ के निरीक्षक की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम व उसके भाई तहसीम समेत तीन के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। आरोपी के पास से दो मोबाइल, व्हाट्सएप चैट की पांच पेज छायाप्रति और पांच पेज उर्दू भाषा में लिखे प्रिंटेड पेपर की छायाप्रति बरामद हुई है।

शहर के नौकुआं रोड निवासी नफीस, उसकी पत्नी अमीना और पुत्र कलीम को छह दिन पहले पाकिस्तान की जेल से रिहा किया गया था। पुलिस-प्रशासन की टीम तीनों को अमृतसर के बाघा बॉर्डर से लेकर शामली पहुंची थी और उनके घर छोड़ दिया था। तीनों को पिछले साल जुलाई 2022 में पाकिस्तान की कस्टम विभाग की टीम ने गिरफ्तार किया था।

एसटीएफ मेरठ और कोतवाली पुलिस की टीम ने देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रहने की सटीक सूचना के आधार पर नफीस के पुत्र कलीम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कलीम से पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 

उन्होंने बताया पिछले कुछ समय से सूचना मिल रही थी कि यूपी का एक गिरोह पाकिस्तान आतंकी संगठन से मिलकर एक आपराधिक षडयंत्र के तहत अवैध हथियारों को एकत्र कर भारत देश की एकता, अखंड़ता, सम्प्रभुता, सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने व भारत की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा को क्षति पहुंचाने के लिए बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। कलीम ने पूछताछ में खुद को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े होने की बात स्वीकार की है।

जांच में सामने आया कि कलीम अपने भाई तहसीम के साथ मिलकर आईएसआई के सदस्यों को व्हाट्सएप पर भारत सेना के विमान राफेल व महत्वपूर्ण स्थानों के फोटोग्राफ भेजते थे। उसके पास से मिले मोबाइल नंबरों का आईपी एड्रेस भी लाहौर शहर का पाया गया। जांच में आया कि कुछ व्यक्तियों का समूह अलग अलग शहरों में आपराधिक षडयंत्र के तहत आम जनता पर अवैध हथियारों से हमले की योजना के उद्देश्य से काम कर रहे हैं। यही नहीं, लोगों को भारत में जेहाद फैलाने के प्रति प्रेरित किया जा रहा है। आरोपी कलीम भारत में मुजाहिद्दीन की जमात बनने की तैयारी में था।

एएसपी का कहना है कि कलीम व उसका भाई तहसीम पाकिस्तान में बैठे दिलशाद उर्फ मिर्जा के संपर्क में था और देश में जल्द ही किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी की जा रही थी। इनके द्वारा जो मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए जा रहे थे, वे सहारनपुर और अन्य स्थानों की आईडी पर एक्टिवेट किए गए थे। इस मामले में एसटीएफ के निरीक्षक प्रशांत कपिल की तरफ से शहर कोतवाली में कलीम, उसके भाई तहसीम निवासी नौकुआं रोड शामली व युसूफ समसी निवासी तेलीय वाला चौक आली सहारनपुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

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गिरोह के अन्य सदस्यों के संबंध में जांच चल रही है। आरोपी कलीम के पिता नफीस से भी पूछताछ की जाएगी। जल्द ही गिरोह के सभी सदस्य गिरफ्त में होंगे। - बृजेश कुमार सिंह, एएसपी, एसटीएफ मेरठ

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