कैराना। यमुना खादर में सीमा विवाद का समाधान नहीं होने के कारण कैराना के मवी गांव के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां के 30 से अधिक किसानों को हरियाणा के पानीपत में खेती करने जाना पड़ता है। यूपी के इन किसानों को हरियाणा प्रशासन द्वारा बिजली कनेक्शन नहीं दिया जा रहा, जिसके कारण किसान इंजन से खेतों की पलेवा करने को मजबूर हैं। वहीं फसलों की सुरक्षा के लिए 5 से छह किसान हरियाणा में ही रात को डेरा डालते हैं।
क्षेत्र के गांव मवी की जनसंख्या पांच हजार से अधिक है। गांव में करीब 700 परिवार रहते हैं, जिनमें से करीब 100 परिवार की कृषि भूमि यमुना की धार बदलने के कारण यमुना पार चली गई। ऐसे किसानों की करीब 2235 बीघा जमीन राजस्व रिकार्ड में यूपी के किसानों के नाम पर दर्ज है, जबकि उक्त भूमि पर करीब 20-25 साल से हरियाणा के किसान कब्जा करके फसल बोते चले आ रहे हैं। जिन किसानों की जमीन पर कब्जे नहीं हैं, ऐसे 30 किसान बिजली कनेक्शन नहीं मिलने के कारण डीजल खर्च करके सिंचाई करने को मजबूर हैं। यमुना में अगर पानी कम होता है तो किसान यमुना पैदल पार करके अपने खेतों में चले जाते हैं और अगर पानी अधिक हो तो करीब 10 किलोमीटर चलने के बाद ही खेतों तक पहुंचना संभव होता है। ऐसे में किसानों ने अपने खेतों पर झोपड़ियां डाल रखी हैं। कुछ समय फसलों की देखरेख के लिए हरियाणा में ही सोने को मजबूर होते हैं, जबकि कुछ दिन खेती कर वापस चले आते हैं।
-यह बोले किसान
सरकार नहीं दे रही बिजली
मवी गांव के रहने वाले मांगेराम ने बताया कि उनकी करीब 100 बीघा जमीन हरियाणा में है। जमीन पर ईंख की फसल उगा रखी है, लेकिन सिंचाई के लिए सरकारी बिजली नहीं है। डीजल इंजन चला कर सिंचाई करनी पड़ती है। बार-बार मांग के बावजूद सरकार बिजली नहीं दे रही, जिसके कारण आर्थिक मार पड़ रही है।
मुआवजा तक नहीं मिला
मवी निवासी किसान ऋषिपाल ने बताया कि उसकी यमुना पार रीशपुर में 4 बीघा जमीन थी। करीब 4 माह पहले यमुना में आयी बाढ़ में उसकी फसल बह गई। मुआवजा अभी तक नहीं मिला। रात में देखरेख को परिवार के एक सदस्य को खेतों में सोना पड़ता है।
मजदूरी कर चला रहा परिवार
मवी निवासी रमेश चन्द ने बताया कि उसकी 4 बीघा जमीन यमुना पार पानीपत में थी। एक साल पहले बाढ़ में जमीन भी बह गई थी। मुआवजा नहीं मिला, अब मजदूरी करके परिवार का पेट पालने को मजबूर हूं।
बिजली की व्यवस्था होनी चाहिए
मवी निवासी किसान कृष्णपाल सिंह, सेंकी पाल, जगरोशन का कहना है कि हरियाणा में खेती करने वाले किसानों के लिए बिजली की व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए ताकि किसानों को परेशानी नहीं हो। उन्होंने कहा कि उनकी कब्जाई गई जमीन को भी छुड़वाने का प्रयास करना चाहिए।
इन्होंने...
कैराना क्षेत्र के किसानों को हरियाणा में खेती के लिए बिजली नहीं मिलने का मामला संज्ञान में नहीं है। हरियाणा प्रशासन से बात कर समस्या का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। सीमा विवाद को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है।
संतोष कुमार सिंह, एडीएम शामली