बृहस्पतिवार को हुई बारिश से क्षेत्र में रेलवे द्वारा बनाए गए चारों अंडरपास जलमग्न हो गए। जिससे आसपास के करीब 22 गांवों के लोगों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। इन गांवों का कस्बे से संपर्क टूट गया। लोगों को अंडरपास के ऊपर बनी रेलवे लाइन से होकर गुजरना पड़ा।
रेलवे क्रॉसिंग पर लोगों को सुविधा देने के लिए सरकार ने अंडरपास तैयार किए हैं। इस योजना के तहत कस्बे में उन मार्ग, रसीदगढ़, हसनपुर व शाहविलायत मार्ग पर चार अंडरपास का निर्माण किया है। सरकार ने अंडरपास तो तैयार कर दिए, लेकिन यहां से ड्रेनेज की कोई व्यवस्था नहीं की। बृहस्पतिवार रात जब बारिश हुई तो चारों अंडरपास में पानी भर गया। इससे इन मार्गों से होकर गुजरने वाले ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग नीचे के बजाए अंडरपास के ऊपर से होकर गुजरने को मजबूर है। ऐसे में यहां लोगों को रेलवे लाइन क्रॉस करते वक्त जान का खतरा भी बना हुआ है। यह हालत तब है जब लोग इस संबंध में कई बार धरने प्रदर्शन व हंगामे कर अंडरपास से पानी की निकासी की व्यवस्था करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं।
पूर्व जिलाधिकारी ने दिए थे निर्देश
बरसात के मौसम में लोगों की परेशानी को देखते हुए पूर्व जिलाधिकारी ने रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखते हुए अंडरपास की हालत सुधारने के निर्देश दिए थे। उस समय रेलवे ने मशीनें लगाकर पानी निकाल दिया था, लेकिन अब तक अंडरपास से पानी की स्थाई निकासी की व्यवस्था नहीं की है।
ग्रामीण बोले कोई नहीं सुनता
मंटी हसनपुर निवासी राजपाल, खानपुर निवासी रमेश और भनेड़ा निवासी विनोद कुमार ने बताया कि इस संबंध में ग्रामीण कई बार रेलवे के अधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं लेकिन अब तक कोई करवाई नहीं हुई है। खानापूर्ति को अधिकारी पंपिंग कर पानी निकालते है लेकिन इसके मात्र 20 मिनट बाद ही अंडरपास फिर से जलमग्न हो जाता है।
इन गांवों के लोग परेशान
मानकपुर, भनेड़ा, भनेड़ा हसनपुर, यारपुर, खेड़ा गदाई, रसीदगढ़, नौजल, नौजली, कैल शिकारपुर, खानपुर, आबादगढ़, वकीलगढ़, नौजली, गंदेवड़ा, जाफरपुर, बूंटा, पलठैडी, मस्तगढ़।
अंडरपास से पानी की निकासी की व्यवस्था करने के लिए कई बार रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजा जा चुका है। नगर पंचायत ने भी कई बार अपने स्तर से सफाई कराई है। अब फिर से रेलवे को इस समस्या का निदान करने के लिए कहा जाएगा। -रवि यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत