थानाभवन। गांव रसीदगढ़ में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित करने वाले शरारती तत्वों का पुलिस पता नहीं लगा सकी है। ग्रामीणों की ओर से दिया गया 15 मई तक अल्टीमेटम भी बीत गया है। वहीं, प्रतिमा स्थल के चारों ओर प्रशासन ने पिलर लगवाने का कार्य शुरू करा दिया है।
दस मई को थानाभवन क्षेत्र के गांव रसीदगढ़ में शरारती तत्वों ने डाक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया था। इससे दलित समाज में रोष फैल गया था और जमकर हंगामा किया था। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझा बुझाकर शांत कर लिया था और उसी दिन नई प्रतिमा स्थापित करा दी गई थी।
दलित समाज के लोगों ने पांच मांगें अधिकारियों के सामने रखी थीं, जिनमें मूर्ति स्थल की सुरक्षा, मुख्य गेट पर लोहे का दरवाजा, दीवारों पर तारो से बैरिकेड़िंग, चारो ओर लोहे की जाली लगवाना शामिल था। साथ ही प्रतिमा खंडित करने वाले शरारती तत्वों को 15 मई तक गिरफ्तार करने की मांग की गई थी और गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी।
सोमवार को आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिये गए अल्टीमेटम का समय पूरा हो गया। उधर, सोमवार को इस संबंध में दलित समाज के लोगों द्वारा पंचायत करने की अफवाह फैल गई। मगर, ग्रामीणों ने इसे सिर्फ अफवाह करार दिया।
गांव के चुन्नीलाल, रगवीर, रविंद्र, मुकेश, कर्म सिंह, सतपाल, सोनू, सन्नी और गंगाराम ने बताया पंचायत की सूचना झूठी है। प्रशासन ने अपने वादे के मुताबिक एक दरोगा और दो सिपाहियों की ड्यूटी प्रतिमा स्थल की सुरक्षा में लगा दी है। साथ ही प्रतिमा स्थल के चारों ओर पिलर का निर्माण शुरू करा दिया है। उधर, सीओ थानाभवन सुनील कुमार त्यागी ने बताया विवेचना चल रही है।