शामली। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जिले की महिलाएं अब विद्युत सखी बनकर न सिर्फ स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ रही हैं, बल्कि अपने गांवों में बिजली विभाग की बड़ी चुनौती को भी हल कर रही हैं।
हाल ही में हसनपुर लुहारी की अनीता और थानाभवन की राशिदा ने एक साल में 9-9 करोड़ रुपये बिल के रूप में जमा कराए। इस पर दोनों को 9-9 लाख रुपये का कमीशन मिला। महिलाएं अन्य को भी विद्युत सखी बनकर स्वरोजगार स्थापित करने की अपील कर रही हैं।
बिजली विभाग के पास बिल वसूली के पर्याप्त संसाधन नहीं थे। इस कमी को दूर करने के लिए ऊर्जा निगम और उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने मिलकर यह नवाचार शुरू किया। महिलाओं ने इस कार्य को चुनौती मानकर स्वीकार किया और दक्ष विद्युत सखियां बनकर साबित कर दिया कि कोई भी काम असंभव नहीं है।
एनआरएलएम मैनेजर पंकज कुमार ने बताया कि कई महिलाएं हर माह 8 से 10 लाख रुपये तक का बिल जमा करा रही हैं। वहीं, हसनपुर लुहारी की अनीता और थानाभवन की राशिदा ने पिछले एक साल में 9-9 करोड़ यानी कुल 18 करोड़ रुपये जमा कराए, जिस पर उन्हें 9-9 लाख रुपये कमीशन के रूप में मिले। इससे पहले भी दोनों 7-7 करोड़ रुपये का बिल जमा करा चुकी हैं। दोनोें को जल्द सम्मानित किया जाएगा।
अनीता का कहना है कि उन्हें जो कमीशन मिलता है, यह न सिर्फ उनकी आमदनी का जरिया बन गया है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार की राह दिखा रहा है।
राशिदा ने कहा कि अन्य महिलाएं भी सखी बनकर परिवार का बेहतर ढंग से पालन-पोषण कर सकती हैं। मैनेजर ने बताया कि सराहनीय कार्य करने वाली सखियों को जल्द ही सम्मानित किया जाएगा।
जल्द 200 और विद्युत सखियां बनाएगा ऊर्जा निगम
शामली। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह का कहना है कि अभी जिले में 184 विद्युत सखियां कार्य कर रही हैं। जल्द ही एनआरएलएम की मदद से 200 और सखियों को विभाग से जोड़ा जाएगा। सराहनीय कार्य करने वाली महिलाओं से उन्हें प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि वे भी अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकें।