शामली। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार निकाय चुनाव की व्यवस्था में कुछ फेरबदल भी किया है, जिसके चलते इस बार मतदान के दौरान अध्यक्ष और सभासद पदों के मतपत्र अलग अलग पेटियों में डाले जाएंगे।
शुक्रवार को जिलाधिकारी/ जिला निर्वाचन अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभाकक्ष में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की बैठक हुई। डीएम ने मजिस्ट्रेटों को बताया कि नामांकन के बाद मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और निष्पक्ष संपन्न कराने में सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की अहम जिम्मेदारी होगी।
पीठासीन अधिकारियों और मतदान अधिकारियों को समय पूर्ण प्रशिक्षण दिलाने के बाद उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाए। साथ ही मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिया कि वह समस्त मतदान केंद्रों पर औचक निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था जांच लें, ताकि मतदान केंद्रों पर दिव्यांग और बुजुर्गों के लिए रैंप की व्यवस्था, शौचालय, पेयजल आपूर्ति, कमरों की स्थिति और विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी समुचित कर ली जाए। मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर दो दिन के भीतर अपर जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप दें, ताकि समय रहते व्यवस्थाओं की कमियों को ठीक कराया जा सके।
वहीं, उन्होंने बताया कि इस बार निकाय चुनाव में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष पद के मतपत्र हरे और नगर पंचायत अध्यक्ष पद के मतपत्र सफेद रंग के होंगे, जबकि नगर पालिका और नगर पंचायत सभासद पद के मतपत्र गुलाबी रंग के होंगे। उन्होंने बताया कि अध्यक्ष और सभासद के मतपत्र अलग अलग पेटियों में डाले जाएंगे, जिसके चलते प्रत्येक मतदान बूथ पर दो-दो मतपेटियां रखवाई जाएंगी।
इसके अलावा राज्य निर्वाचन आयोग ने एसईसी कम्युनिकेशन प्लान बनाया है, जिसके तहत एंड्रायड मोबाइल फोन पर प्रत्येक मजिस्ट्रेट को एप डाउनलोड करना है, जिसके जरिये मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी आयोग तक भेजी जाएगी और जिला स्तर से लेकर राज्य स्तर तक अधिकारियों से संपर्क बना रहेगा। इस दौरान एडीएम शिव बहादुर सिंह सहित जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। बैठक के दौरान आठ मजिस्ट्रेट गैरहाजिर रहे, जिनसे जिलाधिकारी ने जवाब तलब करने का निर्देश दिया है।