शामली। गर्मी के मौसम में जिले में दो हजार हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट गहरा गया है। जल निगम के अधिकारियों का दावा है कि खराब हैंडपंपों के मरम्मत और रिबोर कराने के लिए जल निगम के पास धनराशि उपलब्ध नहीं है।
जिले में पिछले कई सालों से लगातार जलस्तर गिरने से जिला डार्क जोन में घोषित हो चुका है। डार्क जोन होने के कारण हैंडपंप लगातार खराब होते जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में 18,900 हैंडपंपों में दो हजार हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट गहरा गया है। हैंडपंपों का खराब होने का कारण जलस्तर गिरना माना जा रहा है।
दूसरा कारण पानी में आयरन की मात्रा ज्यादा होने से लाल पानी हो जाता है। जल निगम के आंकड़ों के अनुसार जिले के हैंडपंपों से उगलने वाले पानी में आयरन 1.0 मिलीमीटर प्रति मीटर, गदला पानी दो हजार प्रति मिली मीटर आंका गया है। पिछले एक साल में एक फुट जलस्तर गिरने का अनुमान माना जा रहा है। जिले में पानी में क्लोराइड की मात्रा नही ंहोना पाया गया है।
जल निगम के अफसरों के मुताबिक हैंडपंप 180-220 फुट व समसेर्विल 200- 300 फुट के जलस्तर पर लगाए जा रहे हैं। हैंडपंप की आयु 15 से लेकर बीस वर्ष मानी गई है। हैंडपंप खराब होने का कारण जलस्तर गिरना, पानी का स्टेटा खराब होना है। हैंडपंपों का रखरखाव भी नहीं होने के कारण लोगों की दुश्वारियां काफी बढ़ जाती है। जल निगम के सहायक अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि जिले में जलस्तर में आयरन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। जिले में दो हजार हैंडपंप खराब है।
अधिशासी अभियंता देवेंद कुमार के मुताबिक हैंडपंपों की रिबोर व मरम्मत के लिए जिले मे कोई भी धनराशि उपलब्ध नहीं है। अभी कोई पालिसी शासन से नहीं आई है। शासन से रिबोर कराने के लिए लक्ष्य दिया जाता है। लक्ष्य दिए जाने पर रिबोर के लिए धनराशि की मांग ली जाएगी। प्रधानों को भी 13वें वित्त आयोग की स्वीकृत धनराशि से हैंडपंप की रिबोर व मरम्मत का अधिकार है। उनका कहना है कि हैंडपंपों के रिबोर होने पर पचास हजार रुपये की धनराशि खर्च आएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में हैंडपंपों - 16, 400
शहरी क्षेत्रों में हैडपंपों - 2500
जिले में जलस्तर की स्थिति
विकास खंड जलस्तर
शामली- 20- 26 मीटर कैराना - 22 मीटर
ऊन - 23 मीटर
कांधला- 18 मीटर
थानाभवन - 18 मीटर
कुल जलस्तर - 22 से 27 मीटर।