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दो सौ साल पुराना सिद्धपीठ प्राचीन बनखंडी महादेव मंदिर

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कैराना का बनखंड़ी महादेव का प्राचीन मंदिर। - फोटो : SHAMLI
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शिवरात्रि पर विशेष
कैराना। प्राचीन देवी मंदिर तालाब श्रंखला में स्थित सिद्धपीठ बनखंडी महादेव मंदिर का पौराणिक महत्व है। यह मंदिर दो सौ साल पुराना है। इसमें प्राकृतिक रूप से जमीन के अंदर से निकला शिवलिंग अद्भुत और चमत्कारी है। मंदिर की देखभाल करने वाली संस्था शिव सेवा सनातन मंडल के अध्यक्ष स्वराज शर्मा ने बताया कि 200 साल पहले यहां पर वनखंड थे। वनखंड में गवाला गाय चराने ले जाता था। एक गाय हर रोजना एक स्थान पर जाकर खड़ी हो जाती थी और उसके थनों से दूध अपने आप बहने लगता था। गवाले ने उस स्थान को फावड़े से खोद कर देखा तो शिवलिंग दिखाई दिया। गवाला प्रतिदिन शिवलिंग की पूजा करने लगा। धीरे धीरे बात फैली तो आसपास के लोग भी यहां आकर पूजा करने लगे। आज भी शिवलिंग के ऊपर फावड़े का निशान देखा जा सकता है। करीब 150 साल पहले महंत शिवगिरी महाराज यहां आए तथा शिव की तपस्या करने लगे। बाद में यहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। महंत शिवगिरी 1971 में ब्रह्मलीन हो गए थे। इनकी समाधि भी परिसर में बनी है। मान्यता है कि यहां पर सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। शिवरात्री पर यहां हजारों कावड़िए और शिवभक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक करेेंगे।
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