- निक्षय दिवस पर सरकारी अस्पतालों में लक्षण वाले मरीजों के लिए गए थे नमूने
- जिले में क्षय रोगियों की संख्या 1565 तक पहुंची
- शासन से इस साल विभाग को 3100 क्षय रोगी की खोज करने का मिला लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले में क्षय रोगी लगातार सामने आ रहे हैं। निक्षय दिवस पर लक्षण वाले 430 मरीजों के नमूनों की जांच में 19 नए क्षय रोगी सामने आए हैं। जिले में अब क्षय रोगियों की संख्या लगभग 1565 हो गई है। चिकित्सकों का कहना है कि क्षय रोग को लेकर लोगों को जागरूक रहना चाहिए। लक्षण नजर आने पर समय रहते जांच व उपचार कराना चाहिए।
जिले में क्षय रोगियों की खोज के लिए 15 मई को सभी सीएचसी, पीएचसी और हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर क्षय रोग के लक्षण वाले 430 मरीजों के नमूने लिए गए थे। नमूनों की आई जांच रिपोर्ट में 19 नए क्षय रोगी मिले हैं। पिछले महीने भी करीब 48 क्षय रोगी मिले थे। इस तरह से जिले में क्षय रोगियों की संख्या 1565 के लगभग हो गई है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षय रोगियों को खोजने के लिए 21 दिन का अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत जिले के सभी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर हर सप्ताह एक दिन विशेष शिविर लगाकर क्षय रोग के लक्षण वाले मरीजों के नमूने लेकर जांच कराई जाएगी।
इस तरह से हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर तीन दिन विशेष शिविर आयोजित किया जाना है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के दौरान क्षय रोगियों की संख्या और बढ़ सकती है। शासन से जिले को इस साल 3100 क्षय रोगियों की खोज करने का लक्ष्य विभाग को मिला है। जिस तरह से क्षय रोगी सामने आ रहे हैं, उससे लगता है कि जिले में लक्ष्य से अधिक क्षय रोगी मिल सकते हैं। बताया जाता है कि गर्मी और बरसात के महीने में क्षय रोग के फैलने की आशंका ज्यादा रहती है। क्षय रोग के जिला कार्यक्रम समन्वयक राहुल त्यागी ने बताया कि निक्षय दिवस पर लक्षण वाले 430 मरीजों के नमूने लेकर जांच को भेजे गए थे, जिनमें 19 क्षय रोगी मिले हैं। सभी मरीजों का उपचार शुरू कर दिया गया है।
उन्होंने बताया सरकारी अस्पतालों में क्षय रोग की जांच व उपचार की सुविधा पूरी तरह निशुल्क है। लक्षण नजर आने पर मरीजों को समय पर जांच व उपचार कराना चाहिए। उनका कहना है कि नियमित रूप से उपचार कराने पर क्षय रोगी पूरी तरह ठीक हो जाता है।
लक्षण:
- तीन सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी होना।
- रात को पसीना आना।
- बुखार होना, ठंड लगना।
- वजन कम होना।
- भूख कम लगना।
- थकान महसूस होना।
बचाव:
- खांसते छींकते समय मुंह पर कपड़ा रखे।
- घर से बाहर निकलते समय फेस मास्क लगाएं।
- भीड़ वाली जगह पर जाने से बचे।
- लक्षण नजर आने पर समय पर जांच और उपचार कराएं।