बिडौली (शामली)। हरियाणा की मंडियों में सरकारी समर्थन मूल्य पर धान की खरीद शुरू हो गई है। इसके चलते उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा पर दूसरे दिन भी धान से लदे वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। हरियाणा सरकार केवल अपने किसानों को सरकारी खरीद का लाभ दे रही है। इससे उत्तर प्रदेश से आने वाले मोटे धान के वाहनों को सीमा पर ही रोका जा रहा है।
मेरठ-करनाल हाईवे स्थित उत्तर प्रदेश-हरियाणा सीमा पर लगातार दूसरे दिन धान से भरे ट्रक और अन्य वाहन खड़े रहे। लंबी कतारों से किसानों और वाहन चालकों को परेशानी हुई। उत्तर प्रदेश के किसान अपनी उपज लेकर हरियाणा की मंडियों में पहुंच रहे हैं। पर मोटा धान होने पर उन्हें सीमा से ही लौटना पड़ रहा है। हरियाणा में धान बिक्री शुरू होने के बाद प्रशासन ने दूसरे राज्यों से आने वाले मोटे धान की रोकथाम के लिए सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। करनाल के जिलाधिकारी के आदेश पर छह सेक्टर मजिस्ट्रेट की टीम गठित की गई है। प्रत्येक टीम की चार-चार घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। पुलिस के सहयोग से उत्तर प्रदेश से हरियाणा आने वाले धान वाहनों की जांच हो रही है।
सीमा पर खड़े किसान मंजीत, शमशेर और रणजीत ने बताया कि उन्हें कई घंटे इंतजार करना पड़ रहा है। वाहनों की लगातार कतार से किसानों की परेशानी बढ़ रही है। किसानों का कहना है कि समय पर धान मंडी तक नहीं पहुंच रहा है। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ सकता है।
हरियाणा की मंगलौर चौकी प्रभारी उप निरीक्षक मनजीत कुमार ने बताया कि सीमा पर केवल मोटे धान को रोका जा रहा है। बारीक धान के वाहनों पर रोक नहीं है। जिलाधिकारी के आदेश पर छह सेक्टर मजिस्ट्रेट चार-चार घंटे की शिफ्ट में तैनात हैं। उनका उद्देश्य उत्तर प्रदेश से मोटा धान लेकर हरियाणा की मंडियों में पहुंचने वाले वाहनों को रोकना है।