शामली। इफ्को की ओर से आयोजित गन्ना विकास गोष्ठी में किसानों को गन्ने की ट्रेंच विधि में सरसों, आलू, लहसुन, प्याज की बुवाई करने का सुझाव दिया गया। किसानों ने ट्रेंच विधि से की गई गन्ने की पर्ची अगैती गन्ना प्रजाति के साथ चीनी मिलों को जारी करने की मांग की गई है।
बुधवार को कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में इफ्को द्वारा गन्ना विकास गोष्ठी आयोजित की गई। किसानों की सुविधा के लिए दवाई, खाद, बीज संबंधी इफ्को ने स्टाल लगाए गए हैं। वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक शैलेंद्र सिंह ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों, अधिकारियों चीनी मिल प्रतिनिधियों का स्वागत किया। किसानों को संतुलित उर्वरक का उपयोग करने पर जोर दिया।
मुजफ्फरनगर गन्ना शोध केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर जेपी सिंह ने गन्ना उत्पादन की नवीनतम पद्धति, कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर एपी सिंह ने गन्ना उपज में उन्नतशील प्रजातियों की जानकारी दी। सहारनपुर मंडल के उप गन्ना आयुक्त सतेंद्र कुमार ने गन्ने की ट्रेंच विधि से बुवाई करने व गन्ने के साथ सरसों, आलू, प्याज, लहसुन की बुवाई करने पर जोर दिया है।
उन्होंने जैविक खेती करने पर जोर दिया है। गोहरनी के प्रगति शील किसान वेद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में इफ्को सहारनपुर मंडल के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक एमपी सिंह ने विचार रखे।
जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल भारती, वेद सिंह गोहरनी, शामली चीनी मिल के महाप्रबंधक आरएस सहरावत, एसडीएम एमपी सिंह, शामली गन्ना समिति के सचिव सुभाष चंद यादव, ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक उपेंद्रकुमार, किसान ओमवीर सिंह, अशोक कुमार, वेद सिंह, जगेंद्र सिंह, मित्रसैन आदि मौजूूूद रहे।