पूर्वी यमुना नहर पुल निर्माण के लिए पेड़ों का हुआ कटान, बिजली खंभों की शिफ्टिंग
शामली। अश्विन माह की बारिश खत्म होने के बाद मेरठ-करनाल हाईवे के शामली बाईपास पर मुंडेट कलां गांव में पूर्वी यमुना नहर पुल निर्माण के लिए पेड़ों का कटान करके पुल के खंभों की फाउंडेशन कार्य शुरू कर दिया गया है।
मेरठ-करनाल हाईवे के शामली बाईपास का पिछले डेढ़ साल से निर्माण चल रहा है। बाईपास की जद में मुंडेट कला के जंगल में पूर्वी यमुना नहर का पिछले एक साल से पुल निर्माणाधीन है। नहर पुल पर पिछले छह माह से गर्डर रखे जाने के बाद पूर्वी यमुना नहर पटरी के पूर्वी ओर पेड़ों के कटान और बिजली के खंभे न हटने से नहर पुल निर्माण अटका हुआ था। नहर पटरी के दोनों ओर पुल की फाउंडेशन का निर्माण न होने से बधेव गांव और मुंडेट कला के जंगल में बाईपास का कार्य प्रभावित हो रहा था। नहर पटरी के किनारे बाईपास में 20 पेड़ों के कटान की अनुमति आने के बाद पेड़ों को काट दिया गया है।
बिजली के खंभों की शिफ्टिंग होने के बाद निर्माण एजेंसी ने पुल की पटरी के किनारे पेड़ों का कटान कर दिया है। जेसीबी लगाकर मिट्टी को समतल करके पुल के खंभों की फाउंडेशन का कार्य शुरू किया गया है। दूसरी ओर गोहरनी और शामली शहर के सीमा में करोड़ी रोड के पास बाईपास की जद में रेलवे फ्लाईओवर के लिए अंडरपास कार्य पूरा हो गया है। गोहरनी के जंगल में रेलवे फ्लाईओवर निर्माण कार्य अधूरा है। फ्लाईओवर की सीमा से लेकर सहारनपुर रोड अंबा विहार तक बाईपास पर मिट्टी डालकर भराव करने और नालियों का निर्माण चल रहा है। मेरठ करनाल बाईपास पूरा करने के लिए निर्माण एजेंसी को 31 मार्च 2023 का समय निर्धारित किया गया है।
शामली में कैराना रोड पर होता गड्ढे भरने का कार्य।- फोटो : SHAMLI