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Shamli News: एसटीएफ के रडार पर वेस्ट यूपी और दिल्ली के ट्रांसपोर्टर

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शामली। हरियाणा, पंजाब से आने वाले नशीले पदार्थों पर पुलिस ने शिकंजा कसा तो अब नेपाल, असम, गुवाहाटी के तस्करों ने व्यापक स्तर पर वेस्ट यूपी, दिल्ली में नशीले पदार्थों की सप्लाई शुरू कर दी है। यही नहीं, अब टूर एंड ट्रेवल्स कंपनियों के संचालक, ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालकों को लाखों का मुनाफा देने का झांसा देकर गांजा, स्मैक आदि दिल्ली और वेस्ट यूपी में भेजी जा रही है। शामली कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालक के बाद वेस्ट यूपी और दिल्ली के कई ट्रांसपोर्टर एसटीएफ के रडार पर आ गए है।
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एसओजी और शहर कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में ट्रक चालक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 181.53 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने बरामद गांजा की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई है। पकड़े गए राजीव शर्मा निवासी गांव मालेंडी थाना गढ़ीपुख्ता और शाह मोहम्मद उर्फ शान निवासी मोहल्ला मीरा रैती कस्बा गढ़ थाना गढ़मुक्तेश्वर जनपद हापुड़ से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं।
बताया कि नेपाल का रहने वाला वीरगंज और अन्य गिरोह के सदस्यों ने अब शामली के अलावा दिल्ली और वेस्ट यूपी के विभिन्न जिलों के ट्रांसपोर्टरों, ट्रक चालक, टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसी के संचालकों को अपने चंगुल में ले लिया है। उन्हें झांसा दिया जाता है कि यदि उनका ट्रक या फिर बस असम, गुवाहाटी साइड जाती है तो उन्हें बता दें, वे हरी घास यानी गांजा बिक्री के लिए भिजवा देंगे। जिसके बदले चार से लेकर पांच लाख रुपये देने का लालच दिया जा रहा है। वेस्ट यूपी के कई ट्रक चालक और ट्रांसपोर्टर गिरोह के चंगुल में जाकर नशा सप्लाई कर रहे हैं। नशे के पैकेट पर फल का टैग लगा होता है। ट्रकों में फल, सब्जी या और बसों में यात्रियों के होने के कारण पुलिस या फिर अन्य एजेंसी भी ट्रक चालकों पर शक नहीं करती कि इसके अंदर गांजा या फिर अन्य नशीला पदार्थ हो सकता है।
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एसपी ने गिरोह की पूरी तरह से कमर तोड़ने के लिए दो टीमों का गठन किया है। एसपी अभिषेक का कहना है कि गिरोह विभिन्न स्थानों पर नशा सप्लाई करता है, गिरोह के सभी सदस्यों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। संवाद
शराब और अच्छा भोजन कराते हैं सदस्य
आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया है कि गिरोह के सदस्य असम, गुवाहाटी आदि में मिलते हैं। जहां पर जिस ट्रक चालक को नशा देना होता है, उसके लिए अलग से शराब और खानपान का इंतजाम कराया जाता है।
व्हाट्सएप पर नंबर किया जाता है शेयर
दिल्ली या फिर यूपी के विभिन्न स्थानों से असम, गुवाहाटी जाने वाले ट्रक चालकों के नंबर को गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप ग्रुप पर शेयर करते हैं। रास्ते में यदि गिरोह के सदस्य मिलता हैं तो नंबर बताते ही उनके ट्रक में माल को रखवा दिया जाता है। गांजा को कोड वर्ड में हरी घास कहा जाता है।
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