शामली। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक चालू करने के लिए कम से कम छह माह के प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत है। शासन स्तर से स्टाफ की अभी नियुक्ति नहीं हुई है। जिला अस्पताल से जिस स्टाफ को नियुक्त किया गया है, उनमें से कोई भी ब्लड बैंक के लिए प्रशिक्षित नहीं है। एक सप्ताह पहले निरीक्षण करने आई केंद्र की टीम ने ब्लड बैंक के लिए प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत बताई है।
जिला अस्पताल के तीन साल से अधिक समय से चालू होने के बाद भी ब्लड बैंक की सुविधा मरीजों को अभी नहीं मिली है। ब्लड बैंक के लिए जिला अस्पताल में भवन तैयार कर उसमें मशीनें व उपकरण लगाए गए हैं, लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं होने से ब्लड बैेंक चालू नहीं हो सका। शासन ने जिला अस्पताल में मौजूद स्टाफ से ही ब्लड बैंक चलाने के निर्देश देते हुए उनकी जानकारी मांगी थी। जिला अस्पताल की तरफ से पैथोलोजिस्ट डॉ. अनुपम सक्सेना, चिकित्साधिकारी डॉ. समद अली, लैब टैक्नीशियन शिवांगी व शशिकांत, स्टाफ नर्स मोनिका यादव और काउंसर शिवम के नाम शासन को भेजे गए थे। एक सप्ताह पहले केंद्र और स्टेट स्तर की टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर ब्लड बैंक में की गई तैयारियों का जायजा लिया था।
उन्होंने ब्लड बैंक चलाने के लिए कम से कम छह माह के प्रशिक्षित स्टाफ की जरूरत बताई थी। जबकि जिला अस्पताल से स्टाफ के जो नाम भेजे गए थे, उनमें कोई भी ब्लड बैंक के लिए प्रशिक्षित नहीं है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहुजा ने बताया कि ब्लड बैंक के लिए निरीक्षण करने आई टीम ने प्रशिक्षित स्टाफ का होना जरूरी बताया है।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक के लिए प्रशिक्षित स्टाफ नहीं है। इसकी जानकारी निरीक्षण करने आई टीम को दे दी गई थी। अब शासन से भी दिशा निर्देश प्राप्त होंगे, उसी के अनुसार प्रक्रिया की जाएगी।