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होमगार्ड के सहारे चल रही यातायात व्यवस्था

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शामली बाइक सवार युवक का चालान काटते पुलिसकर्मी - फोटो : SHAMLI
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होमगार्ड के सहारे चल रही यातायात व्यवस्था
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शामली। जनपद में यातायात पुलिस संसाधनों की कमी से जूझ रही है। वाहन चेकिंग के लिए स्टाफ की कमी होने के कारण होमगार्ड की मदद ली जा रही है। चौराहों पर यातायात पुलिस के साथ होमगार्ड यातायात व्यवस्था संभालते हैं।
पिछले कई दिन से वाहनों की चेकिंग का अधिकार यातायात पुलिस को सौंपे जाने की चर्चाएं चल रही हैं, हालांकि अभी तक अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं है। चर्चाएं अगर सही साबित होती है और पुलिस के बजाए केवल यातायात पुलिस को ही वाहन चेकिंग का अधिकार दिया जाता है तो वाहन चेकिंग करने में समस्या खड़ी हो सकती है। इसकी वजह ये है कि जिले में स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी है। स्टाफ के नाम पर एक ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर, सात हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल की नियुक्ति है। स्टाफ की कमी को पूरी करने के लिए करीब 20 होमगार्ड साथ में लगाए गए हैं, जिनमें आधे होमगार्ड ही प्रशिक्षित होते हैं।
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यातायात व्यवस्था संभालने के लिए होमगार्ड को यातायात पुलिसकर्मी के साथ लगाया जाता है। वाहनों के चालान करने के लिए पिछले महीने ही यातायात निदेशालय से 10 मोबाइल और 10 बॉडीवार्न कैमरे जिले को उपलब्ध हुए हैं। ऐसी स्थिति में यातायात पुलिस के लिए वाहनों का चालान करना एक चुनौती होगा। यातायात प्रभारी टीएसआई भंवर सिंह का कहना है कि केवल यातायात पुलिस को वाहन चालान करने का अधिकार दिए जाने संबंधी आदेश की उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है।
कोट
केवल यातायात पुलिस को ही वाहनों का चालान करने का अधिकार होने संबंधी कोई शासनादेश नहीं मिला है। इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वर्तमान में थाना पुलिस और यातायात पुलिस दोनों को ही पूर्व की तरह वाहनों का चालान करने का अधिकार है। - विनीत जायसवाल, एसपी।
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उपलब्ध संसाधन
स्टाफ- एक टीएसआई, सात एचसीपी, दो कांस्टेबल।
होमगार्ड- दो शिफ्टों में 20-20
वाहन चालान के लिए मोबाइल-10
बॉडी वार्न कैमरे- 10
ब्रेथ एनलाइजर- 02
ये है जरूरत
यातायात की समुचित व्यवस्था के लिए शामली शहर के अलावा कस्बों के लिए कम से कम 10 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल की और जरूरत है। इसके अलावा वाहन चालान के लिए 10 मोबाइल फोन और इतने ही बॉडी वार्न कैमरे और ब्रेथ एनलाइजर की और जरूरत है। शहर में ट्रैफिक सिग्नल नहीं है। इसका प्रस्ताव यातायात निदेशालय को भेजा गया है। इसके अलावा शहर से बाहर बाईपास और चौराहों का चौड़ीकरण किए जाने की जरूरत है।
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