शामली। इस बार चंद्रमा, सूर्य और बुध एक राशि में आने से दीपावली व्यापारियों के लिए शुभ रहेगी। शाम साढे़ चार बजे से लेकर छह बजे तक राहुकाल आने से शुभ कार्य नहीं होंगे।
आज सुबह 6:40 बजे से अमावस्या पूजन, पितरों का पूजन, शाम के समय घरों में दीपावली पूजन शाम छह बजे शुरू होगा। ज्योतिषाचार्य पंडित कुशलानंद जोशी, पंडित प्रेम किशोर काठोरी, धीरजमोहन शास्त्री ने बताया कि दीपावली का संयोग तुला राशि में पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि अमावस्या के पूजन पर पितरों के स्थान की साफ सफाई कर फूलों की माला अर्पित करें। धूप, दीप के साथ वस्त्र मिठाई, पक्का भोजन पितरों को अर्पित करें। साथ ही पितृ स्थानों को दूध, गंगा जल से स्नान करा ब्राह्मणों को वस्त्र आदि भेंटकर भोजन कराएं।
घरों, प्रतिष्ठानों, कारखानों में श्रीगणेश-लक्ष्मी, कुबेर का पूजन, बही खातों पर सतिया बनाना होगा। कारखानों में दीपावली पर हवन, पूजन शुभ माना गया है। दीपावली पर दीप प्रज्ज्वलित करके लक्ष्मी, श्रीगणेश, कुबेेर की आरती करें। खील, पताशों और मिठाई का भोग लगाकर सोने, चांदी के सिक्कों के साथ विधि विधान से पूजन संपन्न कराएं। राहु काल में कोई भी शुभ कार्य न करें।
अमावस्या पूजन का मुहूर्त
सुबह 6:40 बजे से लेकर 12:00 बजे तक।
दोपहर 2:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक।
दीपावली का घरों में पूजन
शाम 6:06 बजे से लेकर 8:30 बजे।
रात्रि 9:15 बजे से लेकर 11:00 बजे तक।
प्रतिष्ठानों में दीपावली पूजन
सुबह 10:15 बजे से लेकर 12:00 बजे तक।
कारखानों में पूजन
शाम 4:15 बजे