थानाभवन-ननौता के बीच दूसरे दिन भी रहा छह घंटे का मेगा ब्लॉक
सोमवार से रामपुर मनिहारन में इलेक्ट्रिक इंटरलॉकिंग पैनल बदले जाएंगे
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेल मार्ग स्थित चुन्हेटी रेलवे फाटक पर ट्रैक की मरम्मत का कार्य शनिवार देर रात दो बजे पूरा हो गया। इसके बाद शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया है। हालांकि थानाभवन-ननौता मार्ग पर छह घंटे का ब्लॉक लेकर मरम्मत की गई।
चुन्हेटी फाटक शनिवार सुबह चार बजे बंद करके रेलवे ट्रैक की मरम्मत का कार्य देर रात दो बजे तक चला। इसके बाद शामली और सहारनपुर आने-जाने के लिए चुन्हेटी रेलवे फाटक को खोल दिया गया। रविवार को थानाभवन स्टेशन के यार्ड से लेकर ननौता रेलवे स्टेशन यार्ड तक पूर्वाह्न 11 से शाम 5 बजे तक मेगा ब्लॉक जारी रहा। यहां रेलवे ट्रैक की मरम्मत की गई। उत्तर रेलवे यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के तहत मेगा ब्लॉक के चलते दिल्ली से शामली होकर सहारनपुर जाने वाली लाल पैसेंजर ट्रेन शामली स्टेशन तक आई। यहां से सहारनपुर तक लाल पैसेंजर ट्रेन का संचालन स्थगित रहा। तीन बजे के बाद शामली से दिल्ली के लिए पैसेंजर ट्रेन का संचालन किया गया।
हरिद्वार से सहारनपुर और शामली होकर दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को हरिद्वार से टपरी-मुजफ्फरनगर-मेरठ से दिल्ली के लिए संचालित किया गया। हरिद्वार से शामली होकर दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन स्थगित रही। दिल्ली से शामली होकर हरिद्वार जाने वाली पैसेंजर ट्रेन शुक्रवार को तीन घंटे देरी से संचालित हुई। दोपहर डेढ़ बजे शामली आने वाली दिल्ली-हरिद्वार पैसेंजर ट्रेन शनिवार शाम पांच बजे के बाद सहारनपुर के लिए निकाली गई।
मशीन से लाइन की पैकिंग
यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर मशीन रेल लाइन की पैकिंग कर रही है। दूसरी ओर, मशीन रोड़ी की छनाई कर मिट्टी बाहर निकाल रही है। ट्रैक और रोड़ी के बीच मिट्टी भरने से रेलवे ट्रैक धंसने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेलमार्ग पर मनानी से इलेक्ट्रिक इंटरलॉकिंग पैनल बदलने शुरू हो चुके हैं। रामपुर मनिहारान रेलवे स्टेशन से सोमवार से इलेक्ट्रिक इंटरलॉकिंग पैनल बदलने का काम शुरू होगा। रामपुर मनिहारान के बाद लोनी तक सभी स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक इंटरलॉकिंग पैनल बदले जाएंगे। इसके बाद इस रेलमार्ग पर सभी स्टेशनों के फाटकों के केबिन सिस्टम खत्म हो जाएंगे।