बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अकबर खान का कहना है कि रात में हीटर नहीं चलाना चाहिए। हीटर चलाने से कमरे का तापमान बढ़ जाता है और मौसम की जो नमी रहती है, वह खत्म हो जाती है। इस वजह से सांस की नली में सूजन आ जाती है और बच्चों में निमोनिया होने का खतरा रहता है। इसमें दमा व अस्थमा की बीमारी होने का भी खतरा रहता है। बच्चाें और बुजुर्गाें के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए ठंड से बचने के लिए रजाई, गद्दे के साथ ऊनी व गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए।
उनका कहना है कि अगर हीटर चलाना बहुत जरूरी है तो सादा हीटर चलाकर उस पर पानी रख दें ताकि गर्म पानी से भाप निकलने से नमी बनी रहेगी। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि रात में हीटर नहीं चलाना चाहिए। हीटर चलाने से कमरे का तापमान ज्यादा हो जाता है और बाहर का तापमान कम रहता है। कमरे व बाहर के तापमान में ज्यादा अंतर होने की वजह से निमोनिया, खांसी, जुकाम होने की संभावना रहती है।
उन्होंने कहा कि ओपीडी में इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। इसके अलावा कमरे में अंगीठी भी नहीं जलानी चाहिए। इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस बनती है, जो खतरनाक होती है और जिंदगी के लिए खतरा बन सकती है। इनसे आग लगने का भी खतरा रहता है। इसलिए सोने से पहले हीटर व अंगीठी को बंद कर देना चाहिए।
स्नानघर में गैस गीजर को बंद रखें
फिजिशियन डॉ. पंकज गर्ग का कहना है कि स्नानघर के अंदर गैस गीजर न लगाकर बाहर खुले में लगाना चाहिए। अगर स्नानघर के बाहर जगह नहीं है तो अंदर लगे गीजर से पहले गर्म पानी की बाल्टी भरें और फिर गैस गीजर को बंद करने नहाना चाहिए।
साथ ही स्नान घर का रोशनदान या दरवाजा थोड़ा खुला रखें। इसकी वजह ये है कि तकनीकी कारणों से कभी कभी अचानक से पानी आना बंद हो जाता है और स्नान घर में गैस भर जाती है, इसका पता नहीं चल पाता और नहाते समय व्यक्ति बेहोश हो जाता है।