शामली। टिकट बंटवारे को लेकर समाजवादी पार्टी में पैदा हुई कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ सपा-कांग्रेस गठबंधन के खिलाफ ही शामली सीट से सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए नामांकन कर दिया है, तो थानाभवन सीट से टिकट कटने पर नाराज सपा जिलाध्यक्ष ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
समाजवादी पार्टी ने पूर्व में थानाभवन सीट से जिलाध्यक्ष किरणपाल कश्यप और शामली सीट से मनीष चौहान को प्रत्याशी घोषित किया था। दोनों ही नेताओं को लखनऊ बुलाकर सिंबल भी सौंप दिए गए थे, लेकिन अगले ही दिन कांग्रेस-सपा में गठबंधन फाइनल हो गया। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने प्रत्याशियों की सूची जारी की, तो उसमें थानाभवन सीट से किरणपाल कश्यप का टिकट काटकर डॉक्टर सुधीर पंवार को प्रत्याशी बना दिया, तो शामली सीट कांग्रेस के खाते में चली गई।
इसके बाद ही सपा नेताओं में बगावत के सुर फूट निकले। सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने पार्टी के गठबंधन को किनारे करते हुए शामली सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया है। वहीं, थानाभवन सीट से किरणपाल कश्यप का टिकट काट दिया, तो उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि उन्होंने कहा कि वह साधारण कार्यकर्ता की हैसियत से पार्टी के लिए कार्य करते रहेंगे। उनका आरोप है कि पार्टी ने थानाभवन सीट पर कमजोर प्रत्याशी उतार दिया है। इसी वजह से वह जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
किरणपाल कश्यप का कहना है कि वह 1992 से समाजवादी पार्टी में हैं। विभिन्न पदों पर रहकर पार्टी के हित में कार्य किया। ऐन वक्त पर टिकट काटकर डॉक्टर सुधीर पंवार को प्रत्याशी बना दिया गया। पार्टी के इस फैसले से थानाभवन सीट कमजोर हो जाएगी। गौरतलब है कि सोमवार को किरणपाल कश्यप द्वारा सपा छोड़कर लोकदल ज्वाइन करने की चर्चा फैल गई थी। बात यहां तक उड़ी कि उन्होंने लोकदल के अध्यक्ष सुनील सिंह से मुलाकात भी कर ली है तथा थानाभवन सीट से वह लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि किरणपाल कश्यप ने कहा कि मैंने पार्टी नहीं छोड़ी है और न छोड़ूंगा।