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हिरनवाड़ा गांव में बुखार से एक दिन में तीन की मौत

Sun, 09 Oct 2016 12:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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mosquitoe - फोटो : getty images
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शामली/बाबरी। गांव हिरनवाड़ा में शनिवार को बुखार से तीन मौतें बुखार से होने के चलते गांव में हड़कंप मच गया। गमगीन माहौल में बच्चे के शव को तो सुपुर्द ए खाक कर दिया गया, जबकि दो अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। 
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क्षेत्र में बुखार ने कोहराम मचा रखा है। बाबरी क्षेत्र के गांव हिरनवाड़ा निवासी परदेशी पुत्र जगराम साठ वर्ष तथा पन्हटी 70 वर्ष को पिछले कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुखार के चलते परिजन दोनों का इलाज करा रहे थे, लेकिन बुखार से उनको आराम नहीं मिल सका। आखिरकार शनिवार की शाम दोनों ने दम तोड़ दिया।

जिससे उनके परिजनों में कोहराम मच गया। उधर गांव के ही नीरज के छह  दिन के पुत्र को लगातार बुखार आ रहा था। जिसके चलते परिजन उसका इलाज चंडीगढ़ में करा रहे थे, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और नवजात की भी बुखार से शनिवार को मौत हो गई। ग्रामीणों ने बच्चे के शव को तो गमगीन माहौल में सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। जबकि दो शवों को का आज अंतिम संस्कार किया जाएगा। 
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गांव में एक दिन में तीन की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया तथा गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अभी भी बुखार से सैकड़ों की संख्या में लोग पीड़ित है। 

बुखार से हो रही है मौत, थानाभवन में पसरा खौफ 
थानाभवन। थानाभवन क्षेत्र में बुखार से एक दर्जन लोगों की मौत से लोगों में खौफ बना है। नागरिक शासन से फॉगिंग और दवाओं के छिड़काव कराने की मांग कर रहे हैं।

थानाभवन नगर सहित क्षेत्र के गांव मुल्लापुर, लतीफगढ़, हरडफतेहपुर, भैंसानी ईस्लामपुर, मसावी, नौजल, लुहारी, कादरगढ़ आदि गांवों में बुखार का कहर चल रहा है। बुखार से घर घर में लोग बीमारी की चपेट में हैं। सुखदेई मौ.नवीपुरा, खालिद, अदनान, अफसाना, मौलाना याकूब गांव भैसानी आदि सहित एक दर्जन से अधिक लोगों ने बुखार में दम तोड़ दिया है।

परंतु शासन अभी तक इन बीमारियों के प्रति कोई सजगता नहीं दिखा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा थानाभवन क्षेत्र में इन बुखारों का कहर सबसे अधिक हैं। रवि, दीपक, संजय, वाजिद, अस्लम, अकरम, नावेद, साजिद, सहजाद, शाहिद का कहना है कि एक माह में एक बार हुई फॉगिंग में धुआं नाममात्र का है। कर्मचारी फॉगिंग करते समय गाड़ी की स्पीड इतनी रखते हैं कि पता नहीं चलता वे कब आए और कब गए। साथ ही दवाइयों का भी प्रयोग न के बराबर किया गया है। नागरिकों ने दवाओं के छिड़काव व फॉगिंग कराने की मांग की है।
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