शामली। सरशादीलाल शुगर मिल की डिस्टलरी से मंगलवार को हुए जहरीली गैस रिसाव के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के 300 बच्चों की हालत बिगड़ने के बाद शासन की सख्ती पर जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।
इस प्रकरण में बुधवार को विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने जांच की। टीम ने शुगर मिल के बायोगैस प्लांट के साथ ही आसपास इलाके में करीब तीन घंटे तक छानबीन की। टीम ने बंद पड़ी फैक्ट्री और एक गोदाम में से केमिकल तथा सफेद पाउडर का नमूना लिया। शुगर मिल के राख डंपिंग ग्राउंड से भी नमूना भरा गया। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार की सुबह शुगर मिल की डिस्टलरी से गैस रिसाव के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका इंटर कॉलेज के बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। बच्चों की हालत बिगड़ने पर अभिभावकों में गुस्सा पनप गया। अभिभावकों ने मिल प्रशासन के अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई थी। इसकी गूंज शासन तक पहुंचने पर मंडलायुक्त को जांच सौंपी गई। वहीं, प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम ने प्रारंभिक जांच के बाद बायोगैस प्लांट पर सील लगा दी थी।
इस प्रकरण को लेकर बुधवार दोपहर करीब 12 बजे मुजफ्फरनगर से विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम हरेंद्र सिंह के नेतृत्व में शामली पहुंची। टीम ने शुगर मिल के बायो गैस प्लांट में पहुंचकर छानबीन की। वहां से सफेद पाउडर का नमूना भरा गया। इसके बाद शुगर मिल से खेड़ीकरमू जाने वाले मार्ग पर सड़क के बीचोंबीच पड़े मिले केमिकल का नमूना भरा। फिर उसी मार्ग पर एक बंद फैक्ट्री में टूटी दीवार की तरफ से घुसकर छानबीन की।
फैक्ट्री में तो कुछ नहीं मिला, लेकिन उसके पास ही केमिकल के गोदाम में केमिकल से भरे ड्रम और सफेद पाउडर मिला। उसका नमूना टीम ने जांच के लिए भर लिया।
इसके बाद इसी मार्ग पर शुगर मिल के राख डंपिंग ग्राउंड पर पहुंचकर छानबीन कर वहां से केमिकल और राख का नमूना जांच के लिए भरा गया। इसके बाद टीम ने सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल में पहुंचकर प्रयोगशाला में निरीक्षण किया। दोपहर 12 से करीब तीन बजे तक जांच करने के बाद विधि
विज्ञान प्रयोगशाला की टीम लौट गई। वहीं, टीम लीडर हरेंद्र सिंह का कहना था कि मौके से भरे गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने पर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। एसपी ने बताया कि विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम मौके से लिए गए नमूनों को जांच के लिए आगरा अथवा लखनऊ प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजेगी।