कांधला। क्षेत्र के गांव खेड़ा कुर्तान में मनरेगा सहित कई योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच टीम गांव में पहुंची। टीम ने योजनाओं के बारे में बातचीत कर लोगों के बयान दर्ज किए।
सुभाष, कहवरपाल, करेशन, लीलू, मोनू सहित दर्जनों किसानों ने तहसील दिवस में पूर्व ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव के विरुद्ध शिकायत कर मनेरगा, मार्ग और नाला निर्माण, हैंडपंपों के नाम पर लाखों का घोटाला करने का आरोप लगाया था। खंड विकास अधिकारी को मामले की शिकायत कर जांच कराने की मांग की गई थी। इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए खंड विकास अधिकारी को जांच कराकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
बुधवार को खंड विकास अधिकारी ने मामले की जांच एडीओ मुकुट राज और जेई भूपेंद्र सिंह सौंप दी। दो सदस्य टीम मामले की जांच करने के लिए गांव में पहुंची। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। टीम ने विकास कार्यों का भी निरीक्षण किया।
ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। मामले में प्रधान शबनम का कहना है कि सभी आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। उधर, जांच करने पहुंचे दोनों अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
चकबंदी प्रक्रिया स्थगित कराएं
शामली। एलम के लोगों ने कलक्ट्रेट में पहुंचकर प्रभारी डीएम और सीडीओ विनोद सिंह को ज्ञापन सौंपकर चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने का विरोध किया। बताया कि एलम नगर पंचायत में चकबंदी प्रक्रिया शुरू करने के आदेश हो चुके हैं।
कस्बे के सभी छोटे-बडे़ किसानों को रास्ते, पानी की नाली आदि की सभी मूलभूत सुविधाएं पूर्व में ही मिली हैं। कस्बे में 90 प्रतिशत किसान बहुत छोटे रकबे वाले हैं। जिनको चकबंदी कटौती से हानि होगी। आय की कमी के कारण बेघर होने की लाइन मे खडे़ हो जाएंगे।
यह भी अवगत कराया कि राजनीति प्रभाव के लोग चकबंदी की पैरवी कर रहे हैं। इसके संबंध में चकबंदी आयुक्त लखनऊ को भी अवगत कराया जा चुका है। मौके पर नगर पंचायत की सदस्य मंजु देवी, अजित पंवार, सतवीर, राहुल, ब्रजपाल सिंह, योगेश आदि मौजूद रहे।