फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

औद्योगिक क्षेत्र में एक हजार परिवारों के बच्चों के लिए नहीं है स्कूल

विज्ञापन
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र में एक हजार परिवारों के बच्चों के लिए नहीं है स्कूल
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत एक हजार परिवारों के बच्चों के लिए स्कूल की व्यवस्था नहीं है। स्कूल दूर होने की वजह से बच्चों और परिजनों को मुश्किल का सामना करना पड़ता है। इस वजह से कई बार बच्चे स्कूल से वंचित रह जाते हैं। उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमी यह मुद्दा कई बार उठा चुके हैं।
औद्योगिक क्षेत्र में करीब 15 हजार महिला और पुरुष कर्मचारी काम करते हैं। करीब एक हजार परिवार औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी परिसर में ही रहते हैं। जिनके सैकड़ों बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था औद्योगिक क्षेत्र में नहीं है। इसके चलते बच्चों को ग्राम ऐरटी, कंडेला और शेखूपुरा स्थित प्राइमरी स्कूलों में जाना पड़ता है। जिनकी दूरी दो से तीन किमी है। ऐसे में श्रमिक परिवारों के इन बच्चों को स्कूल आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन

स्कूल जाने में करते हैं आनाकानी
शामली इंडस्ट्रियल एस्टेट एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि करीब तीन माह पूर्व उन्होंने उद्योग बंधु की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। स्कूल दूर होने की वजह से बच्चे जाने में आनाकानी करते हैं। इसलिए औद्योगिक क्षेत्र में स्कूल की व्यवस्था होनी जरूरी है। जिससे बच्चों को शिक्षा सुचारू रूप से मिल सके।
श्रम विभाग भी उदासीन
औद्योगिक क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा को लेकर श्रम विभाग का रवैया भी उदासीन है। हालांकि नियम अनुसार श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी इस विभाग के कंधों पर है।
विज्ञापन

वर्जन
औद्योगिक क्षेत्र में परिवार के साथ रहने वाले बच्चों का सर्वे कराया जाएगा। जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं, उनका नामांकन आसपास के गांवों के स्कूलों में कराया जाएगा।- राहुल मिश्रा, बेसिक शिक्षा अधिकारी
श्रमिकों के बच्चों को मिलने वाली सहायता
पाठ्यक्रम देय सहायता रुपये प्रतिमाह
कक्षा 1 से 5 तक 200
कक्षा 6 से 8 तक 300
कक्षा 9 से 10 तक 400
कक्षा 11 से 12 आईटीआई 500
स्नातक व परास्नातक 800
पॉलीटेक्निक 1,000
उच्च शिक्षा 2,500
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें