शामली। जनपद में आयोजित ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं की विभिन्न समितियों में महिला शिक्षकों को शामिल न किए जाने पर उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ ने डीआईओएस और अन्य अधिकारियों से शिकायत करते हुए विरोध दर्ज कराया है। संघ ने इसे गंभीर लैंगिक भेदभाव बताते हुए संबंधित विभागों को शिकायत पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष पूनम तोमर ने बताया कि कांधला और ऊन ब्लॉक में गठित निर्णायक व अन्य समितियों की सूची में एक भी महिला शिक्षक को निर्णायक, रेफरी या अन्य जिम्मेदार भूमिका में शामिल नहीं किया गया है। ऊन ब्लॉक की 21 सदस्यीय रेफरी सूची में पुरुष शिक्षक है, जबकि कांधला ब्लॉक में अनुशासन, लेखा, जलपान और रेफरी समितियों में भी महिलाओं को कोई स्थान नहीं दिया गया।
संघ की अध्यक्ष ने कहा कि जनपद में कई महिला शिक्षक बीपीएड सहित खेल संबंधी योग्यता रखती हैं, इसके बावजूद उन्हें केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि निर्णायक मंडल में महिला सदस्य नहीं होंगी तो खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाली बालिकाएं अपनी स्वास्थ्य व माहवारी जैसी संवेदनशील समस्याएं किससे साझा करेंगी।
महिला शिक्षक संघ ने मांग की है कि खेल समितियों का पुनर्गठन कर महिला शिक्षकों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए। साथ ही महिला जिला पीटीआई की नियुक्ति तथा प्रतियोगिताओं के दौरान बालिकाओं के लिए स्वच्छता संबंधी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक आंदोलन करने को मजबूर होगा।