शामली। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। कभी गर्मी तो कभी बूंदाबांदी से मौसम ठंडा होने से बीमार होने का खतरा रहता है। जिले में मौसम में आ रहे बदलाव से वायरल बुखार के मरीज बढ़ गए हैं। इसके अलावा नजला, जुकाम व खांसी के मरीज भी आ रहे हैं। ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है, इसलिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में पिछले एक सप्ताह से मौसम में उतार-चढ़ाव हो रहा है। दिन में तेज धूप खिलने से तापमान बढ़ने से मौसम गर्म होता है और लोग पसीने से तर बतर रहते हैं। शाम होने पर तेज हवा के साथ बूंदाबांदी होने पर तापमान में अचानक गिरावट होने से मौसम ठंडा हो जाता है। कभी बादल, कभी छांव, कभी तेज धूप तो कभी बारिश इस तरह का मौसम चल रहा है। इस तरह का मौसम सेहत के लिए अच्छा नहीं होता और मौसम बीमारी पैदा करता है। इसलिए इस मौसम में सावधानी बरतने की जरूरत है। सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. रामनिवास ने बताया कि मौसम में बार-बार बदलाव से वायरल बुखार के मरीज बढ़े हैं।
उन्होंने बताया कि सीएचसी में रोजाना 600 से 700 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं, जिनमें 70 से 80 मरीज वायरल बुखार के होते हैं। एक सप्ताह पहले वायरल बुखार के मरीजों की संख्या 40 से 45 मरीज आ रहे थे। इसके अलावा नजला, जुकाम व खांसी के मरीज आते हैं। इस मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। पौषिक भोजन का सेवन करने से बीमारियां होने का खतरा कम रहता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय सैनी ने बताया कि मौसम में बदलाव का असर बच्चों पर ज्यादा पड़ता है। इस समय वायरल बुखार के अलावा नजला, जुकाम व खांसी के केस ज्यादा हैं। डायरिया के भी कुछ केस आ रहे हैं। इसलिए बच्चों को दिन में तेज गर्मी से और रात को ठंड से बचाव के इंतजाम करने चाहिए। मौसम के अनुसार बच्चों को कपड़े पहनाएं और उनके खानपान का विशेष ध्यान रखें। ऐसे मौसम में सावधानी और बचाव की जरूरत है। ऐसे में लापरवाही सेहत के लिए खतरा बन सकती है।
वायरल बुखार के लक्षण
सिर में और जोड़ों में दर्द होना।
आंखों का लाल होना।
ठंड और कंपकपी लगना।
सर्दी, जुकाम व नाक बहना।
शरीर का तापमान बढ़ना, माथा गर्म होना
बचाव
तेज धूप में जाने से बचे, सिर पर कैप या कपड़ा रखें।
तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को पौष्टिक आहार का सेवन करें।
पर्याप्त पानी पीये, दिनभर में सात-आठ गिलास पानी जरूर पीएं।
ठंडे पदार्थों का सेवन करने से बचें।
सिर दर्द या बुखार महसूस होने पर चिकित्सक की सलाह से ले उपचार