शामली। यमुना नदी से अवैध रेत खनन करने वाले माफिया के संरक्षक सफेदपोश बने हुए हैं। अवैध खनन की कमाई का हिस्सा नेताओं से लेकर अफसरों तक पहुंचता है। यही वजह है कि सब कुछ जानते हुए भी अफसर माफिया पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पाते, लेकिन अब डीएम ने रॉयल्टी के हिसाब से जुर्माना वसूलने के आदेश दिए हैं।
दरअसल, यमुना नदी से कैराना, झिंझाना और कांधला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेत खनन किया जा रहा है। खनन माफिया दावा करते हैं कि उन्होंने तो यमुना नदी स्टाक रेत को उठाने का ठेका ले रखा है। उस ठेके की आड़ लेकर ही यमुना नदी से अवैध रूप से खनन किया जाता है। खनन करने के लिए जेसीबी के साथ ही पॉकलेन मशीन भी लगाई जाती हैं। खास बात यह है कि पुलिस प्रशासन को भी इस खेल का पूरा पता है। नवागत जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने अवैध रेत खनन को लेकर सख्ती दिखाई, तो पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया।
डीएम के आदेश का बड़ा असर
डीएम ने आदेश किया है कि अवैध खनन करने वालों पर जुर्माना लगाने में कतई ढील नहीं बरती जाए। पूर्व में जहां खनन वालों से दो से तीन हजार रुपये ही जुर्माना वसूल किया जा रहा है, उसमें जिलाधिकारी ने रॉयल्टी के हिसाब से जुर्माना वसूलने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी के इस आदेश के बाद खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है।
रेत से भरी ट्राली छोड़कर भागा चालक
झिंझाना। करनाल हाईवे पर रविवार शाम झिंझाना थाना पुलिस ने खनन करके लाई गई रेत से लदी ट्रैक्टर ट्राली पकड़ी। पुलिस को देखकर ट्रैक्टर ट्राली का चालक फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली को थाने लाकर सीज कर दिया।