शामली। जिला मुख्यालय जाने के लिए करमूखेड़ी पुल से लेकर गांव भैैैसवाल तक पूर्वी यमुना नहर की दोनों पटरियां चकाचक और मिनी बाइपास के रूप में नजर आएंगी। नहर की पटरी को 3.75 मीटर चौड़ा एवं पक्का करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा जेेसीबी लगाकर चौड़ीकरण का काम शुरू दिया है। जिला मुख्यालय से कलक्ट्रेट, विकास भवन सहित अन्य विभागीय कार्यालयों से लेकर प्रस्तावित आवासाें तक दो सेतु बनाए जाएंगे।
पूर्वी यमुना नहर के किनारे ग्राम मुंडेट के जंगल में जिला अस्पताल, सीएमओ कार्यालय, खेल स्टेडियम, बिजलीघर, गोहरनी गांव के जंगल में कलक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, जिला जज न्यायालय, उनके आवास, भैैसवाल के जंगल में एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन, जिला जेल एवं बधेव के जंगल में डीएम-एसपी समेत जिलास्तरीय अधिकारियों के आवास प्रस्तावित है।
पूर्वी यमुना किनारे करमूखेडी पुल के पास पूर्वी यमुना नहर खंड कार्यालय एवं वन विभाग का कार्यालय कार्यरत है। पिछले दस माह से कलक्ट्रेट, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, बिजलीघर एवं जिला अस्पताल एंव जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास का निर्माण कार्य चल रहा है।
दो साल पूर्व म़ुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण द्वारा करमूखेडी से लेकर बधेव पूर्वी यमुना पुल तक नहर पटरी 3.75 मीटर पक्की चौड़ाई पहले कराई जा चुकी है। लेकिन बधेव नहर पुल मुडेट सीमा से लेकर जिला मुख्यालय, गोहरनी और भैसवाल तक नहर पटरी कच्ची और ऊबड़खाबड़ है। अब दूसरी साइड पर चौड़ीकरण का काम चलेगा।
बता दें कि इस काम के लिए शासन से 44 करोड़ का बजट तय हुआ। पहली किश्त के रूप में 10 करोड़ रिलीज किए गए। मगर काम अधर में था। डीएम सुजीत कुमार ने यह काम तेज गति से करने की चेतावनी दी थी। अब यह काम गति पकड़ेगा। पूर्वी यमुना नहर के सहायक अभियंता त्रिलोक चंद ने बताया कि पहले चरण में नहर की पटरी की सफाई कराकर डोला बांधकर चौड़ा किया जाएगा। बाद में 3.75 मीटर चौड़ी तारकोल की सड़क बनेगी। मार्च 2018 तक यह प्रोजेक्ट पूरा करने के प्रयास किए जाएंगे।