शामली/ऊन/चौसाना/जलालाबाद। जिले में शनिवार को रिमझिम बारिश हुई। बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं कई स्थानों पर जलभराव की समस्या बनी रही। जिले में पांच एमएम बारिश हुई। अधिकतम तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
शनिवार आठ बजे बादलों ने बरसना शुरू किया। दोपहर में दो बजे तक कभी हल्की तो कभी तेज बारिश हुई। उधर, देहात में तेज बारिश हुई। शाम तक बादल छाए रहे। रात में बारिश होने की संभावना बनी है। अधिकतम तापमान एक डिग्री सेल्सियस कम होकर 32 डिग्री रहा जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री पर स्थित रहा। पूर्वी यमुना नहर लोअर खंड के सहायक अमरजीत ने बताया कि जिले में पांच एमएम बारिश हुई। उधर, सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मौसम वैज्ञानिक डॉ. श्वेता सिंह ने बताया कि रविवार को बादल छाए रहने और बारिश होने के आसार है।
ऊन कस्बे व क्षेत्र में सुबह दो घंटे की बारिश से जगह-जगह जलभराव की समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। समुचित जल निकासी की व्यवस्था न होने के कारण आर्यपुरी, सुभाष नगर, पिंडोरा रोड पीएनबी बैंक, स्टेट बैंक, शिवपुरी आदि मोहल्लों की सड़कों पर जलभराव हो गया।
चौसाना और आसपास के क्षेत्र में बारिश से खेतों में बोई गई उड़द की फसल को नुकसान होने की आशंका है। वहीं पकी हुई धान की फसल पर भी बारिश का असर पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान रविंद्र व विकास ने बताया कि तेज बारिश और पानी भरने से तैयार धान की फसल खराब होने का खतरा है। जलालाबाद में भी तेज बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली।
पाइपलाइन फटने से धंसी सड़क, निकाय कर्मियों ने दुरुस्त की सप्लाई
जलालाबाद। कस्बे के मोहल्ला आर्यनगर में बारिश के दौरान जैन धर्मशाला के पीछे सड़क से अचानक पानी के बुलबुले उठने लगे और रेत युक्त पानी बहने लगा। पानी के तेज बहाव के कारण सड़क नीचे बैठने लगी। मकानों के धंसने के खतरे की आशंका से मोहल्ले के लोग दहशत में आ गए। जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे नगर पंचायतकर्मी हामिद खान ने सबमर्सिबल को बंद कराया, जिससे पानी का रिसाव रुका। इसके बाद टीम ने सड़क की खोदाई कर क्षतिग्रस्त पाइप को ठीक किया। शाम को सुचारू जलापूर्ति बहाल होने पर नागरिकों को राहत मिली। संवाद