शामली। संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए शुक्रवार से जिले में दस्तक अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी की टीम ने घर-घर जाकर रोगियों के बारे में जानकारी ली। पहले दिन जिले में लगभग 8926 घरों में पहुंचकर स्वास्थ्य टीम ने जांच की। इस दौरान छह घरों में मिले लार्वा ब्रीडिंग को नष्ट कराया गया।
जिले में एक अक्तूबर से विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह चल रहा है। इसके साथ ही शुक्रवार से दस्तक अभियान शुरू किया गया। दस्तक अभियान 21 अक्तूबर तक चलेगा। इस अभियान के लिए 895 आशाएं और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर बुखार, टीबी, दिमागी बुखार से दिव्यांगता, वायरल संक्रमण से नजला, जुकाम, खांसी, कुपोषित बच्चे और घरों में लार्वा ब्रीडिंग की जांच करेंगी। एक टीम को एक दिन में 20 से 25 घरों में जांच करने का लक्ष्य दिया गया है। जिले में करीब 25 हजार घरों तक पहुंचकर रोगियों की जांच करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला मलेरिया अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि पहले दिन स्वास्थ्य टीमों ने 8926 घरों में पहुंचकर जानकारी जुटाई। इस दौरान बुखार के दो रोगी मिल और वायरल संक्रमण से छह मरीज मिले। इसके अलावा 325 घरों में भ्रमण किया गया, जिसमें छह घरों में लार्वा ब्रीडिंग पाया गया, जिसे स्वास्थ्य टीम ने नष्ट कराया। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि जिले में दस्तक अभियान शुरू हो गया है। इस अभियान में आशा और आंगनबाड़ी घर-घर जाकर रोगियों के बारे में जानकारी लेकर उनकी सूची तैयार करेगी और अपने ब्लाक क्षेत्र की सूची उपलब्ध कराते हुए मरीजों का उपचार कराया जाएगा।